चरखी दादरी। वार्ड 18 स्थित 27 फुटा रोड की बदहाल स्थिति को देखते हुए नगर परिषद ने इसके सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया है। पिछले दिनों हुई नगर परिषद की हाउस की बैठक में करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क को सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद अब सड़क के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद इसे फाइनेंस कमेटी के समक्ष रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले दिनों नगर परिषद कार्यालय में आयोजित हाउस की बैठक में वार्ड 18 की पार्षद के पति कुलदीप गांधी ने इंटरलॉकिंग टाइलों से बने 27 फुटा रोड की जर्जर हाल का मुद्दा उठाया गया था। उनका कहना था कि समय के साथ सड़क की टाइलें कई स्थानों से धंस चुकी हैं। इससे सड़क की सतह ऊबड़-खाबड़ हो गई है और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है।
बारिश के दौरान धंसी हुई सड़क पर पानी जमा होने से समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क को सीसी बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। जिसके बाद मौजूद सभी पार्षदों ने सहमति जता पास किया गया था। करीब दो किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण होने के बाद वार्ड 18 के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। वर्तमान में कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग टाइलों के धंसने और सड़क की ऊंचाई असमान होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ता है।
दमकल कार्यालय भी इसी सड़क पर
27 फुटा रोड की उपयोगिता इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसी सड़क पर नगर परिषद की ओर से एमआरएफ सेंटर और दमकल विभाग का कार्यालय बनाया गया है। ऐसे में सड़क की खराब हालत का असर इन महत्वपूर्ण सुविधाओं तक पहुंचने वाले लोगों और कर्मचारियों पर भी पड़ता है। दमकल विभाग से जुड़े वाहनों के लिए सुगम और मजबूत सड़क होना विशेष रूप से जरूरी है, ताकि आवश्यकता के समय वाहनों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर कई जगह टाइलें धंसने के कारण गड्ढा बन गया है। बारिश के समय इन स्थानों पर पानी जमा हो जाता है जिससे सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। लंबे समय से लोग सड़क के स्थायी सुधार की मांग कर रहे थे। अब हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद लोगों को इसके निर्माण की उम्मीद जगी है।
वर्सन:
जल्द ही सड़क का एस्टीमेट तैयार करवाकर फाइनेंस कमेटी में रखा जाएगा। वित्तीय मंजूरी और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद टेंडर लगाया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। परिषद की ओर से सड़क को सीसी से बनाने का फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि इंटरलॉकिंग टाइलों के बार-बार धंसने की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल सके।बक्सीराम सैनी, चेयरमैन नगर परिषद