चरखी दादरी। रामनगर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को समसपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने के लिए पाइप लाइन दबाने का टेंडर आमंत्रित कर दिया गया है। टेंडर अलॉटमेंट प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है और इस पर करीब दस लाख रुपये खर्च आएगा। करीब 500 की लंबाई में रेलवे लाइन के नीचे पाइप लाइन दबाई जानी है और जन स्वास्थ्य विभाग यह राशि रेलवे विभाग को पहले ही दे चुका है। गत दिनों आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी राज्य मंत्री अनूप धानक के समक्ष यह मुद्दा उठा था।
बता दें कि शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर के समीप बने एसटीपी में शहर के करीब 30 फीसदी क्षेत्र का दूषित पानी सीवर लाइनों के जरिये पहुंचता है जबकि 70 फीसदी शहर का पानी समसपुर एसटीपी में जाता है। अब तक दोनों एसटीपी आपस में जुड़े हुए नहीं थे। करीब ढाई साल पहले इन दोनों को जोड़ने की योजना तैयार की थी और इसके अनुसार बड़ी पाइल लाइन से रामनगर एसटीपी का पानी समसपुर एसटीपी तक पहुंचाया जाना है।
पाइप लाइन दबाते समय बीच में रेलवे लाइन आने से यह काम रुका रहा। बाद में जन स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए रेलवे से अनुमति ली और रेलवे की हद में पाइप लाइन दबाने का काम रेलवे को सौंपा गया। इसके लिए दस लाख रुपये भी जमा करवाए गए। अब इस योजना पर काम पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
- डाली जाएगी 15 इंची लाइन
रामनगर से दिल्ली रोड एसटीपी तक 15 इंची मेन लाइन बिछाई जानी है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली रोड एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली रोड एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ में डालने की योजना तैयार की गई है। ड्रेन आठ तक करीब 35 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है।
- लिफ्टिंग सिस्टम और खुली पाइप लाइन के भरोसे सीवर व्यवस्था
शहर की सीवर व्यवस्था की मौजूदा स्थिति देखें तो लिफ्टिंग सिस्टम और खुली पाइप लाइन के भरोसे है। जन स्वास्थ्य विभाग एक सीवर मैनहोल का पानी मोटर के जरिये उठाकर दूसरी खाली जगह में डाल रहा है। इतना ही नहीं मुख्य सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त होने से इनके समांतार खुली पाइप लाइन के जरिये भी एक स्थान का पानी दूसरी जगह पर निकाला जाता है। विभाग के पास एसटीपी का पानी बाहर भेजने की व्यवस्था नहीं है।
- मुख्य एसटीपी का टैंक लबालब, भंडारण क्षमता की बनी कमी
इस समय समसपुर एसटीपी में पानी भंडारण की जगह नहीं है। इस पानी को कई बार बधवाना नहर में भी डाल दिया जाता है। नहर से जलघरों में पानी पहुंचता है। विभाग को छुछकवास तक लाइन बिछाने का काम जल्दी पूरा करने की जरूरत है तभी शहर की सीवर समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन बिछाने का टेंडर आमंत्रित कर दिया है। अब जल्द ही यह काम सिरे चढ़ने की उम्मीद है। इसके बाद शहर में दूषित पानी निकासी की समस्या नहीं रहेगी।
-बीके जावला, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग