जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी अब लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालने लगी है। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से दिनभर तेज धूप और लू जैसे हालात बने रहे। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में आवाजाही कम देखने को मिली। बढ़ती गर्मी के बीच नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
सिविल अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में प्रतिदिन करीब एक हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 200 मरीज ऐसे हैं जो सीधे तौर पर गर्मी से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इनमें डि-हाइड्रेशन, चक्कर आना, शरीर में कमजोरी, बुखार, उल्टी, दस्त और अधिक पसीना आने जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी के चलते शरीर से लगातार पानी की कमी हो रही है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
ठंडा पानी बिगाड़ रहा सेहत
अस्पताल में इन दिनों खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या में भी इजाफा दर्ज किया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप और पसीने की स्थिति में लोग तुरंत ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक या बर्फ वाले पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, जिससे गले में संक्रमण और वायरल जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। दिनभर बाहर काम करने वाले मजदूर, किसान और धूप में अधिक समय बिताने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
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ओआरएस पीने की सलाह
गर्मी के कारण पानी की खपत भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में पर्याप्त पानी नहीं पीने वाले लोग डि-हाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में कई मरीज कमजोरी और बेहोशी जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस घोल का सेवन करने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।
गर्मी ज्यादा है, ऐसे में लोग बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। लोगों से सलाह है कि गर्मी से बचने के लिए सावधानियां बरतें। तेज धूप में बाहर न निकलें और ठंडे पदार्थों का सेवन करें।
- डाॅ. नरेश कुमार, सीएमओ