चरखी दादरी। हड़ताल के 24वें दिन भी लिपिकों और सरकार के बीच मानदेय को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। दूसरी ओर सरकार ने मौखिक आदेश जारी कर जमीन की रजिस्ट्री सेवा चालू करने के निर्देश दिए है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि अब कोई भू मालिक बिना रजिस्ट्री के वापिस नहीं जाएगा। इसके लिए जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने स्तर पर रजिस्ट्री कर सकेंगे।
बता दें कि लिपिकों की हड़ताल के चलते जिले में सरकार को हर रोज एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व का नुकसान हो रहा था। सरकार के इस आदेश और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नायब तहसीलदार और तहसीलदार को पावर मिलने पर अब जमीन की रजिस्ट्री हो सकेंगी। जिससे सरकार को राजस्व हानि नहीं झेलनी पड़ेगी।
पिछले 24 दिनों से मानदेय बढ़वाने के लिए हड़ताल पर बैठे लिपिकों की सकार के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता विफल होने के बाद लगातार हो रहे राजस्व के नुकसान की पूर्ति और लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री शुरू करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार अब रजिस्ट्री के लिए आने वाले भू मालिक को बिना रजिस्ट्री के वापिस नहीं भेज सकेंगे।
- वीरवार को मिले थे सरकार के आदेश
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार अरोड़ा ने बताया कि वीरवार को उनके पास प्रदेश सरकार का मौखिक आदेश आया था। इसके बाद उप तहसील बाढड़ा, ब्लाॅक बौंद व दादरी में जमीन संबंधी सभी रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि सरकार से आदेश मिलने के बाद खंड बौंदकलां में वीरवार को 6 रजिस्ट्री की गई थी। वहीं, दादरी और बाढड़ा से अभी तक कोई भी भू मालिक रजिस्ट्री करवाने नहीं आया है।
- जिले में हर रोज होती हैं 70 रजिस्ट्री
लिपिकों की हड़ताल के लंबा खींचने के कारण पिछले 22 दिनों से जमीन की रजिस्ट्री बंद थीं। ऐसे में भू-मालिक बेहद परेशान थे और उनका जमीन खरीद-फरोख्त का काम भी अटका हुआ था। सामान्य दिनों की बात करें तो प्रतिदिन दादरी जिले में करीब 70 रजिस्ट्री होती हैं।
जिले के सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को जमीन की रजिस्ट्री अपने स्तर पर करने का आदेश जारी कर दिया है। अब कोई भी आसानी से अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवा सकेगा। वीरवार को बौंदकलां में 6 रजिस्ट्री हुईं।
-राजकुमार अरोड़ा, जिला राजस्व अधिकारी, चरखी दादरी