जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने रोष प्रदर्शन करते हसला सदस्य।
चरखी दादरी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय समक्ष ऑन लाइन डायरी लेखन के फैसले के खिलाफ रोष जताया। फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रदेश सरकार से तुरंत इसे वापस लेने की मांग की गई। जिला प्रधान विद्यानंद श्योराण की अगुवाई में विरोध जताने के बाद डीईओ कार्यालय में पहुंचकर सुपरिटेंडेंट को ज्ञापन सौंपा गया।
जिला प्रधान विद्यानंद श्योराण ने बताया कि हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से एमआईएस पोर्टल पर अध्यापकों को डायरी लिखने के जो आदेश जारी किए गए हैं वे केवल और केवल शिक्षा जगत में काम करने वाले अध्यापकों को अपने मूल उद्देश्य से भटकाने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो विभाग का कोई पक्का तकनीकी ढांचा है न ही कोई इस तरह की ट्रेनिंग देने के लिए स्कूलों में रेगुलर स्टाफ है।
इतना ही नहीं अभी तक सभी स्कूलों में अच्छा नेटवर्क या वाईफाई की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऑनलाइन डायरी लिखना कोई शिक्षा प्रदान करने का एक मात्र इलाज नहीं है। यह सिर्फ अध्यापकों को मानसिक तनाव देने के अलावा उनको अपने मूल कर्तव्य से विमुख करने का षड्यंत्र है। ऑनलाइन डायरी लिखने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो हसला राज्य स्तरीय आंदोलन करने पर विवश होगा।