चरखी ददरी। टीबी के मरीजों को बिना संकोच के आगे आकर पूरा उपचार करवाना चाहिए। साथ ही मरीज के परिजनों को भी इस संक्रामक रोग से बचाव के लिए सावधानी बरतते हुए अपनी जांच करवानी चाहिए। टीबी की बीमारी का इलाज संभव है। इसके लिए समय पर बीमारी का पता लगना जरूरी है ताकि जल्द उपचार शुरू हो सके। स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करे कि टीबी की बीमारी से ग्रस्त प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिले। उपायुक्त प्रीति ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में टीबी उन्मूलन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है, जिसके कीटाणु लगभग सभी के शरीर में होते हैं। किसी कारण से ये कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं तो व्यक्ति को टीबी का संक्रमण हो जाता है। टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मरीज से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने तंत्र को मजबूत किया जाए और टीबी के प्रत्येक मरीज तक पहुंचकर उसका उपचार सुनिश्चित किया जाए। सबको मिलकर टीबी से होने वाली मौतों को रोकना होगा। इसके लिए टीबी पर चर्चा जरूरी है। कोशिश रहे कि टीबी के कारण किसी की भी मौत न हो। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भी टीबी को लेकर चर्चा की जाए और बच्चों को इस बीमारी की गंभीरता के साथ सावधानियों के बारे में भी बताया जाए। इसके अलावा विभाग की टीम लगातार टीबी के मरीजों के संपर्क में रहें और अगर उन्हें सहायता एवं परामर्श की जरूरत है तो तुरंत उपलब्ध करवाई जाए।
जिले में टीबी के 732 मरीज
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने जिला में टीबी उन्मूलन को लेकर कार्ययोजना की जानकारी दी और बताया कि स्वास्थ्य विभाग अधिकारी एवं कर्मचारी किस प्रकार से टीबी जांच से लेकर उपचार तक के कार्य में जिम्मेदारी निभाते हैं। उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिला में 732 टीबी के मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि टीबी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800116666 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में दादरी के एसडीएम अनिल कुमार यादव, बाढड़ा के एसडीएम संजय कुमार, सीटीएम नरेंद्र कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी, उप जिला शिक्षा अधिकारी जलधीर सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. कुलवंत फौगाट, परियोजना अधिकारी संजय कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी गीता सहारण और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।