समीक्षा बैठक में मौजूद सीटीएम व अन्य विभागों के अधिकारी।
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चरखी दादरी। लघु सचिवालय सभागार में बुधवार को सीटीएम डॉ. सुभाष चंद्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस) को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें सीटीएम ने स्वास्थ्य व अन्य विभागों को अभियान के क्रियान्वयन के बारे में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें। जिले में पोलियो के लिए 332 बूथ बनाए गए हैं जिसमें लगभग 45,595 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 28 जून को बूथ लेवल पर और 29 व 30 जून को घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उप सिविल सर्जन डॉ. आशीष मान ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के बारे में विस्तार से रिपोर्ट प्रस्तुत की।
गांवों में चौकीदारों के माध्यम से करवाएं मुनादी
सीटीएम ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य पोलियो वायरस की संक्रमण शृंखला को तोड़ना और सभी बच्चों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि बच्चों को पल्स पोलियो अभियान के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वे अपने छोटे भाई-बहनों को 28 जून को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और समुदाय के प्रत्येक परिवार तक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए। पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर गांवों में चौकीदारों के माध्यम से मुनादी करवाएं जिससे अभियान की जानकारी प्रत्येक घर तक पहुंचे और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
सीटीएम ने बताया कि जिले में शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के कुल 45,595 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 332 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी ताकि यात्रा कर रहे या बूथों तक नहीं पहुंच पाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके।
उप सिविल सर्जन डॉ. आशीष मान ने सीटीएम को बताया कि अभियान के दौरान विशेष रूप से हाई रिस्क क्षेत्रों, प्रवासी परिवारों तथा स्लम बस्तियों में रहने वाले बच्चों पर फोकस किया जाएगा। यदि कोई बच्चा 28 जून को बूथ पर जाने से छूट जाता है तो उसे कवर करने के लिए 29 एवं 30 जून को घर-घर जाकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।