बाढड़ा के पशु अस्पताल में आयोजित पंचायत में विचार रखते पूर्व सरपंच राकेश। संवाद
- बाढड़ा पशु अस्पताल में शनिवार को ग्रामीणों ने की बैठक, जो परिवार मौजूद नहीं था, उसकी महिला को सरपंच बनाने पर जताई सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। बाढड़ा पशु अस्पताल में गांव के मौअजिज लोगों ने बैठक की। बैठक में निर्विरोध सरपंच चुनने पर मंथन किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सरपंची इस बार राजेश श्योराण के परिवार को देने पर मुहर लगी। खास बात यह रही कि पंचायत में उक्त परिवार का कोई सदस्य तक मौजूद नहीं था। वहीं, अगर सरपंच निर्विरोध चुना जाता है तो 37 साल बाद ऐसा मौका आएगा।
राजेश कुमार उर्फ पप्पू का परिवार जयपुर रहता है। ग्रामीणों की अपील पर उन्होंने गांव लौटकर ग्रामीणों की सेवा करने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, शनिवार को सरपंच चुनाव के लिए बाढड़ा के पूर्व सरपंच राकेश कुमार की अपील पर ग्रामीणों ने पंचायत की। इसकी अध्यक्षता कन्नी प्रधान जगत सिंह ने की, जिसमें सर्वसम्मति से नई पंचायत का चयन करने पर मंथन किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण पंचायत में मौजूद सभी वक्ताओं ने राजेश श्योराण की पत्नी या पुत्रवधू के नाम पर सहमति प्रकट की। बैठक के दौरान ही फोन पर परिवार को सूचित किया गया। पहले तो उन्होंने ना-नुकुर की, लेकिन, बाद में उनका परिवार सरपंची के लिए सहमत हो गया।
पंचायत में व्यापार मंडल अध्यक्ष के पूर्व अध्यक्ष रामकिशन फौजी, समाजसेवी रामकुमार, पंचायत समिति के पूर्व चेयरमैन भल्लेराम बाढड़ा, पूर्व सरपंच विजेंद्र उर्फ ढिल्लू, पूर्व वाइस चेयरमैन संदीप सांगवान, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील शर्मा व नाथूराम आदि मौजूद रहे।
- मंगलाराम को सर्वसम्मति से बनाया गया था सरपंच
ग्रामीणों ने बताया कि बाढड़ा में करीब 37 वर्ष पहले मंगलाराम को सर्वसम्मति से गांव का सरपंच चुना गया था। ग्रामीणों ने बताया कि बाढड़ा में आपसी भाईचारे को बरकरार रखने के लिए अब फिर से सर्वसम्मति से सरपंच चुनने के लिए बैठक में मंथन किया गया।