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स्वच्छता सर्वेक्षण में मिली 11वीं रैंक से अचरज में लोग, बोले: डंपिंग प्वाइंटों से नियमित नहीं उठ रहा कचरा

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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में दादरी शहर को उत्तरी भारत में 11वीं और प्रदेश में पहली रैंक मिली है। 839 स्थानों की छलांग लगाने के बाद अधिकारी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तो वहीं लोग अचरज में है। लोगों का कहना है कि डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे की भरमार है और नियमित उठान भी नहीं हो रहा। इसके बावजूद देश में 50 हजार से एक लाख की आबादी वाली कैटेगिरी में 11वां स्थान आना समझ से परे है। अमर उजाला ने वीरवार को जारी की गई रैंकिंग को लेकर शुक्रवार को अलग-अलग वार्डों के दस लोगों से बातचीत कर उनकी राय जानी। इस दौरान सात लोग मौजूदा सफाई व्यवस्था से असंतुष्ट नजर आए।
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जमीनी स्तर पर भी सुधार की जरूरत
- हमारे वार्ड में सफाई कर्मी कम हैं, जिसके चलते गलियों में बनाए अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों से नियमित कचरे का उठान नहीं होता। रैंकिंग में सुधार होना अच्छी बात है लेकिन अधिकारियों को व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत है। -धर्मबीर, वार्ड 11
- वार्ड में जनसंख्या के मुताबिक सफाई कर्मी तैनात नहीं हैं, जिसके चलते व्यवस्था बेपटरी है। गलियों में कचरा सड़ता रहता है और एक सप्ताह तक उठान नहीं होता। अभी शहर के वार्डों की सफाई व्यवस्था में और सुधार करने की दरकार है। -सुनील, वार्ड 12
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- दादरी शहर की उत्तर भारत में 11वीं रैंक आना शहरवासियों के लिए खुशी की बात है। हमारे वार्ड में सफाई व्यवस्था बेहतर है और लोगों को कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही। नप का वाहन नियमित घरों से कचरा उठा रहा है। -राजकुमार, वार्ड 6
- वार्ड की गलियों से कचरे का उठान समय पर नहीं होता। कभी दो दिन में तो कभी तीन दिन में सफाई कर्मी आते हैं। वार्ड में खराब हालात हैं और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। रैंकिंग में सुधार के साथ धरातल पर सफाई व्यवस्था में सुधार जरूरी है। -कृष्ण, वार्ड 15
- पिछले कुछ समय में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। हमारे वार्ड में नियमित नगर परिषद टीम घर-घर से कचरा उठान करने आती है। डंपिंग प्वाइंटों से भी नियमित कचरे का उठान हो रहा है। बेहतर व्यवस्थाएं ही रैंकिंग में सुधार का कारण है। -धीरज, वार्ड 4
- वार्ड में सफाई कर्मचारी कम हैं और नियमित कचरे का उठान करने नहीं होता। कई बार तो एक सप्ताह तक कचरा डंपिंग प्वाइंटों पर पड़ा रहता है। वार्ड की सफाई व्यवस्था बेपटरी है और इसके चलते गंदगी का आलम बना हुआ है। -सोनू, वार्ड 8
- हमारे वार्ड में सफाई व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति होती है। दो से तीन दिन बाद कर्मचारी गलियों की सफाई के लिए आते हैं। कचरे का नियमित उठान न होने से वार्डवासी परेशान हैं। नगर परिषद अधिकारियों को समस्या की तरफ ध्यान देना चाहिए। -प्रकाश, वार्ड 9
- वार्ड में सफाई व्यवस्था चौपट है। चारों डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे की भरमार है। मौजूदा व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था में सुधार कर लोगों को समस्याओं से छुटकारा दिलाना चाहिए। कचरा निस्तारण की समस्या से हम परेशान हैं।
रामसिंह, वार्ड-1
- सफाई व्यवस्था वार्ड में बिल्कुल नहीं है। लोग शिकायत करके थक चुके हैं, लेकिन अब तक वार्ड में सफाई कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। सफाई व्यवस्था के मामले में हमारा वार्ड पिछड़ा हुआ है और जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं। -ओमप्रकाश, वार्ड 9
- नगर परिषद ने घर-घर से कचरे का उठान करने की बेहतर व्यवस्था कर रखी है। सुबह गाड़ी कचरा लेने आ जाती है और उसका समय भी निश्चित है। हमें कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आ रहीं और व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। -पिस्तो देवी, वार्ड 10
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