संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव इमलोटा निवासी पहलवान सुजीत कलकल तुर्की में आयोजित विश्व क्वालिफायर टूर्नामेंट में पेरिस कोटा पाने से चूक गए। सुजीत ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में चुनौती पेश करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में अमेरिका के पहलवान से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वे ओलंपिक कोटा पाने के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।
गत अप्रैल में पहलवान सुजीत किर्गिस्तान में आयोजित एशियन क्वालिफायर में नहीं पहुंच पाए थे। प्राकृतिक आपदा के कारण इस खेल में न पहुंच पाना उसके लिए काफी निराशाजनक रहा। सुजीत ने विश्व ओलंपिक में कोटा पाने के लिए उसी दिन तैयारी शुरू कर दी थी। परिजनों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को भी सुजीत से इस बार वर्ल्ड ओलंपिक में कोटा जीतने की उम्मीद थी।
कोच दयानंद पहलवान ने बताया कि सुजीत ने तुर्की में चार मुकाबले खेले। इसमें पहला मुकाबला उज्बेकिस्तान के साथ रहा। इसमें सुजीत ने अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत हासिल की। दो अन्य मुकाबले भी सुजीत ने अपने खेल कौशल से जीत लिए। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबला भारत और अमेरिका के बीच रहा, जिसमें सुजीत ने अमेरिका के प्रतिनिधि के साथ कड़ा मुकाबला करते हुए 2-2 का स्कोर बनाया। अंत में खेल नियमों के अनुसार सुजीत को मात मिली और भारत को विश्व ओलंपिक में पेरिस कोटा नहीं दिला पाए।
विश्व ओलंपिक के लिए करना पड़ेगा चार साल इंतजार
अब सुजीत को विश्व ओलंपिक के लिए चार साल का इंतजार करना पड़ेगा। अब साल 2026 में एशियन गेम्स आयोजित किए जाएंगे। पेरिस ओलंपिक कोटा ने पाने की निराशा से जल्द पार पाकर सुजीत अब अपने अगले लक्ष्य को पाने की कवायद में जुट जाएंगे।