जलभराव वाले क्षेत्रों में किसानों के लिए शुरू की गई है प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, उपायुक्त राहुल नरवाल ने की लाभ उठाने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसानों और मछली पालन कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना आर्थिक स्थिति मजबूत करने में वरदान सिद्ध हो रही है। योजना के तहत 40 से 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। उपायुक्त राहुल नरवाल ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिले में उन गांवों के लोगों को मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिन गांवों में बरसात के पानी का ठहराव होता है या भूमि बंजर है। मछली पालन से किसानों की आय बढ़ रही है। झींगा मछली पालन से 5 से 6 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आमदनी होती है। सरकार की ओर से योजना के तहत अनुसूचित जाति व महिला वर्ग मछली पालकों को 60 प्रतिशत अनुदान और सामान्य वर्ग को मछली पालन पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत सभी वर्गों की महिलाओं व अनुसूचित जाति को तथा 40 प्रतिशत सामान्य व ओबीसी को अनुदान प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत प्रार्थी निजी भूमि में या पट्टे पर भूमि लेकर मछली फीड हैचरी, तालाबों के निर्माण, बायाफेलाक, आरएएस, फीड मिल, कोल्ड स्टोर आदि लगाने पर विभाग से वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- प्रशिक्षण भी देगा विभाग
उपायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और अन्य विभागीय योजनाओं के लिए किसानों को विभाग प्रशिक्षण भी देगा। यूनिट लगाने से पहले प्रशिक्षण अवश्य लें और मिट्टी व पानी की टेस्टिंग अवश्य रूप से करवाएं। ताकि, यूनिट कामयाब हो सके।