चरखी दादरी। बसों की कमी पर बिफरे विभिन्न गांवों के विद्यार्थियों ने मंगलवार सुबह लामबंद होकर बस स्टैंड का एक गेट बंद कर दिया। करीब 25 मिनट तक गेट बंद कर हंगामा किया और इसके बाद रोडवेज अधिकारियों ने एक सप्ताह में समस्या के समाधान का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया। इससे पहले विद्यार्थियों ने नारेबाजी के साथ रोष का इजहार किया और रोडवेज अधिकारी मुर्दाबाद के नारे लगाए।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की अगुवाई जिला पार्षद मोहित साहू ने की। उन्होंने डिपो महाप्रबंधक पर निजी बस चालकों को फायदा पहुंचाने के लिए बस संचालन की मांग नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। दरअसल रानीला समेत सात गांवों के विद्यार्थियों को दादरी और भिवानी कॉलेज में पहुंचने के लिए परेशानी झेलनी पड़ती हैं। दादरी के लिए केवल एक बस है जबकि रानीला-भिवानी रूट पर दादरी डिपो की एक भी बस नहीं चलती। इसके चलते विद्यार्थी अपने स्तर पर ही सवारी वाहनों में सफर करने को विवश हैं। इस समस्या को लेकर जिला पार्षद मोहित साहू के नेतृत्व में मंगलवार सुबह विद्यार्थी लामबंद होकर दादरी बस स्टैंड पहुंचे। उन्होंने यहां न केवल विरोध-प्रदर्शन किया बल्कि रोडवेज अधिकारियों पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
इसके बाद आक्रोशित विद्यार्थियों ने रोडवेज का एक गेट बंद कर दिया जिससे बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ। इसके बाद रोडवेज अधिकारी प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उनसे समस्याएं जानीं। इस पर मोहित साहू, शुभम, मन्नू, राहुल, आशीष, दिनेश सांकरोड़, भोलू, सतबीर, आशीष, पुनीत, नवीन, चिराग, अमित, गोरी, प्रवीण, उमंग ने बताया कि अकेले रानीला गांव में छात्र संख्या 200 है जबकि बस केवल एक ही है। उन्होंने रानीला- दादरी रूट पर बस संख्या एक से बढ़ाकर दो करने और एक बस रानीला-भिवानी रूट पर चलाने की मांग की। इस पर रोडवेज एसपीओ कुलदीप ने एक सप्ताह के अंदर समाधान करवाने का आश्वासन दिया और इसके बाद विद्यार्थी वापस लौट गए।
- ज्ञापन में क्या रखा है, आप सीधे हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना करना
जिला पार्षद मोहित साहू ने बताया कि बसों की कमी को लेकर वो तीन बार पहले भी रोडवेज अधिकारियों से मिल चुके हैं। उस दौरान एक मिनी बस के संचालन का आश्वासन दिया गया था। मोहित साहू ने बताया कि उस दौरान जब उन्होंने ज्ञापन सौंपने की बात कही तो अधिकारियों ने जवाब दिया कि आप सीधे बस को हरी झंडी दिखाना, ज्ञापन में क्या रखा है। बावजूद इसके अब तक बस का संचालन नहीं किया गया।
- रोडवेज पास जेब में, फिर भी दे रहे किराया
प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि रानीला, ऊण, बौंदकलां, सांकरोड़, फौगाट, सांजरवास, निमड़ी, मालपोष आदि गांवों के करीब 300 विद्यार्थी परेशान हैं और इनमें छात्राओं की संख्या भी काफी है। उनका कहना है कि ज्यादातर के पास रोडवेज पास है, लेकिन बस सुविधा नहीं मिल पा रही। पर्स में पास होने के बाद भी प्राइवेट वाहनों में सफर कर किराया अलग से देना पड़ रहा है।
रोडवेज महाप्रबंधक प्राइवेट बस संचालकों की कठपुतली है और 6 माह से मांग उठाने के बाद भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा। अकेले रानीला रूट की नहीं अन्य रूटाें की भी ये समस्या है। जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो विद्यार्थियों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मोहित साहू, जिला पार्षद, वार्ड-एक
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मांगपत्र सौंपा है। एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। उनकी मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी है।
-कुलदीप, एसपीओ, दादरी डिपो