चरखी दादरी। रविवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इन तीन दिनों में 20 एमएम से अधिक बारिश हुई है, जो सामान्य से कम ही है। इसके बावजूद शहर की सीवर व्यवस्था जवाब दे गई है। तीसरे दिन भी शहर की कॉलोनियों और वार्डों की मुख्य सड़कों पर बारिश का पानी भरा रहा। बारिश के चलते विभाग पिछले तीन दिनों से एसटीपी की मोटरें सात घंटे अधिक चला रहा है और उसके बाद भी जलभराव की समस्या बरकरार है।
समसपुर एसटीपी के जरिये ही शहर की सीवर लाइनों के पानी का उठान किया जाता है। बारिश से पहले एसटीपी की मोटर एक दिन में 15 घंटे चलती थी। अब पिछले तीन दिनों से एक की बजाय दो मोटरें यहां चलाई जा रही है जबकि मोटर चलाने की समयावधि भी सात घंटे बढ़ाकर 22 घंटे कर दी गई है। इस प्रयास के बावजूद शहरवासियों को जलभराव से राहत नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को संवाददाता ने शहर का जायजा लिया तो दस जगहों पर जलभराव मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से वो इस स्थिति का सामना कर रहे हैं और विभाग अब तक उन्हें निजात नहीं दिला पाया है।
मानसून की बारिश से पहले जिले प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता प्रबंधों का दम भरा था। गत रविवार से बारिश जारी है और इन दावों के अनुसार अब तक प्रबंध नजर नहीं आए हैं। हालांकि शहर की मुख्य सड़कों से तो बारिश के दो से तीन घंटे बाद पानी की निकासी हो जाती है लेकिन निचले क्षेत्रों में पड़ने वालीं कॉलोनियों और वार्डों में जलभराव की समस्या बरकरार है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से व्यवस्थाओं में और सुधार की मांग की है।
60 एसची के साथ चलाई जा रही 40 एचपी की भी मोटर
सूत्रों के अनुसार मानसून की बारिश से पहले एसटीपी पर एक 60 एचपी की मोटर ही दिन में 15 घंटे चलाई जाती थी। लेकिन बारिश के चलते अब 60 के साथ 40 एचपी की मोटर भी छह घंटे तक चलाई जाती है। 22 घंटे में 16 घंटे अकेले 60 एचपी की मोटर और छह घंटे दोनों मोटरें एकसाथ चलाई जा रही हैं।
यहां है जलभराव की स्थिति
मंगलवार को ढाणी फाटक आरओबी के समीप कॉलेज रोड पर, चरखी दरवाजा क्षेत्र, वार्ड-17 के पार्क के सामने, वार्ड-14, हरि नगर, विश्वकर्मा कॉलोनी, शनि मंदिर वाली गली, वार्ड-21, जांगड़ा मार्केट, मेजबान चौक के समीप व डागर वाली गली आदि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति मिली।
सीसीआई पर निर्भर है इस बार शहर
एसटीपी से ड्रेन नंबर आठ तक पाइपलाइन डालने का कार्य अभी जारी है और एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि विभाग एसटीपी के समीप ही एनएचआई की जगह पर एक कच्चा टैंक बनाने की योजना पर काम कर रहा है और बारिश का पानी सीसीआई परिसर में निकाला जा रहा है।
व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए हम प्रयासरत हैं। शहर की सड़कों से दो से तीन घंटे बाद पानी की निकासी हो जाती है, जबकि जहां से निकासी नहीं हो पाती वहां हम इंजन के जरिये उठान कर रहे हैं।
रोहित सिंह, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग