ग्राउंड रिपोर्ट
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समसपुर एसटीपी परिसर में भरा पानी। संवाद
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एसटीपी के साथ लगते खेतों में भरा दूषित पानी। संवाद
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एसटीपी परिसर में ओवरफ्लो करता सेप्टिक टैंक। संवाद
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एसटीपी के मोटर चैंबर में भरा दूषित पानी। संवाद
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एसटीपी से खेतों की ओर बहता सीवर लाइनों का दूषित पानी। संवाद
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किसान युद्धवीर।
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किसान संदीप।
- सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो होने से समसपुर एसटीपी परिसर में भी भरा सीवर लाइनों का दूषित पानी, 20 एकड़ जमीन पर खड़ी फसलों में भी जलभराव
- लोहरवाड़ा के समीप पानी का दबाव ज्यादा होने पर फट गई 18 इंची लाइन, विभाग की टीम पहुंची मौके पर
- ढाणी फोगाट के किसानों ने फसलों में जलभराव होने पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी के समसपुर एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से आगे छुछकवास स्थित ड्रेन-8 तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य 18 इंची लाइन बुधवार रात फट गई। इससे एसटीपी की मोटरें बंद करनी पड़ीं। आगे पानी निकासी ठप होने से सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो कर गए। इससे एसटीपी परिसर समेत 20 एकड़ जमीन पर खड़ी फसलों में जलभराव हो गया। ढाणी फोगाट के किसानों ने रोष जताया और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर हाथ खड़े करने का आरोप मढ़ा।
हाल ही में हुई बारिश से शहर में विभिन्न जगहों पर जलभराव हो गया था। इसके बाद एसटीपी की मोटरें लगातार चलाकर सीवर व स्टॉर्म वॉटर लाइनों से पानी की उठान की गई। सामान्य दिनों के मुकाबले सीवर लाइनों में पानी का दबाव बढ़ गया। वहीं, एसटीपी से आगे 18 इंची लाइन के जरिये विभाग छुछकवास ड्रेन-8 तक पानी पहुंचा रहा है। बुधवार रात 18 इंची लाइन लोहरवाड़ा के समीप क्षतिग्रस्त हो गई।
सुबह इसकी सूचना मिलने पर समसपुर एसटीपी की मोटरें बंद की गईं। वहीं, एसटीपी से आगे पानी निकासी व्यवस्था ठप होने से सेप्टिक टैंक ओवरफ्लो कर गए। इससे एसटीपी परिसर ही दूषित पानी से लबालब हो गया। पानी जेनरेटर के नीचे रास्ता बनाकर किसानों के खेतों की तरफ बहने लगा। इतना ही नहीं, एक अन्य जगह से भी दूषित पानी बहकर किसानों के खेतों तक पहुंच गया।
खेतों में जलभराव होने पर ढाणी फोगाट गांव के किसानों ने जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष जताया। किसान युद्धवीर व संदीप आदि ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वीरवार सुबह बातचीत करने पर हाथ खड़े कर दिए।
- खेतों से होकर ढाणा रोड तक पहुंचा दूषित पानी
किसान युद्धवीर, संदीप, लीला, जगदेव सिंह, कल्लीराम, बल्लू फोगाट, पप्पू, नवरत्न, कृष्ण, जोगिंद्र व दिनेश आदि किसानों ने बताया कि एसटीपी का दूषित पानी खेतों से होते हुए ढाणा रोड तक पहुंच गया। शाम तक एसटीपी से दूषित पानी बाहर निकलता रहा और विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
- ऐसे क्षतिग्रस्त हो गई मुख्य लाइन
समसपुर एसटीपी पर 22 इंची, एक 8 इंची, एक 18 इंची और एक 355 इंची पाइपलाइन के जरिये पानी पहुंचता है। एसटीपी का भंडारण टैंक पानी से लबालब है। वहीं, एसटीपी से आगे महज 18 इंची पाइपलाइन के जरिये ड्रेन-8 तक पानी भेजा रहा है। एसटीपी से 18 इंची पाइपलाइन ज्यादा पानी का दबाव नहीं झेल पाई। इससे लोहरवाड़ा गांव के समीप क्षतिग्रस्त हो गई। बुधवार रात और वीरवार सुबह एसटीपी 200 के साथ 120 हाॅर्सपावर व 300 के साथ 120 हाॅर्सपावर की मोटर चलाई गई थी।
- किसी की 4 एकड़ तो किसी की 6 एकड़ फसल में जलभराव
- 6 एकड़ जमीन पर जलभराव है। वीरवार सुबह से एसडीओ से बातचीत कर रहा हूं और वह स्थिति नियंत्रण से बाहर होने की बात कह रहे हैं। फसलों में सीवर का दूषित पानी पहुंच रहा है जबकि विभाग के पास कोई समाधान नहीं है। तीन एकड़ में धान व तीन एकड़ में ज्वार की बिजाई की हुई है।
-युद्धवीर, किसान
- एसटीपी के साथ लगते मेरे खेत हैं। चार एकड़ में घीया की बिजाई की थी। एसटीपी टैंक ओवरफ्लो होने से खेतों तक पानी पहुंच गया और सूचित करन के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग खेतों में दूषित पानी जाने से रोक नहीं पाया। अब हमें दिक्कतें व नुकसान होगा।
-संदीप, किसान
वर्सन
ड्रेन नंबर-8 तक जाने वाली लाइन क्षतिग्रस्त होने से समस्या बनी। टीम लाइन को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। लाइन ठीक होते ही व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी। किसानों के सूचित करते ही व्यवस्था अनुसार मोटरें बंद कराई गईं।
-मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग