चरखी दादरी। बारिश के मौसम में बच्चों को डायरिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। इसके तहत पांच वर्ष से कम आयु के करीब 45 हजार बच्चों तक ओआरएस और जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान का उद्देश्य डायरिया से होने वाली जटिलताओं और बाल मृत्यु दर में कमी लाना है।
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि मानसून के दौरान डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना रहती है। ऐसे में समय पर ओआरएस और जिंक का उपयोग बच्चों को डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर समस्याओं से बचाने में प्रभावी साबित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। जिले के एक नागरिक अस्पताल, एक एमसीएच यूनिट, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा 79 उप स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस कॉर्नर बनाए गए हैं। यहां आने वाले मरीजों और परिजनों को डायरिया से बचाव तथा उपचार संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 457 आशा वर्करों की ड्यूटी लगाई है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों वाले परिवारों से संपर्क करेंगी और उन्हें ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां उपलब्ध कराएंगी। साथ ही स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत और डायरिया के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूक करेंगी।
सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि डायरिया होने पर बच्चे को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है। यदि बच्चा बार-बार उल्टी करे, अत्यधिक पतले दस्त हों, मल में खून आए, तेज बुखार हो, बच्चा सुस्त दिखाई दे या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डायरिया को गंभीर रूप लेने से पहले ही ओआरएस और जिंक का उपयोग शुरू कर देना चाहिए।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष मान ने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी ताकि अधिक से अधिक परिवार डायरिया से बचाव के उपायों को अपनाएं और बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके।