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Charkhi Dadri News: तेज रफ्तार और यातायात नियमोंं की अवहेलना पड़ी भारी, इस साल 150 हादसों में 80 ने गंवाई जान

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चरखी दादरी। जिले में सड़क हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे कई परिवारों को जीवनभर का दर्द मिल रहा है। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष के 11 माह और 12 दिन के अंदर 150 हादसे हुए हैं, जिनमें सड़कें खून से लाल हुई हैं। इन हादसों में 80 लोगों ने जान गंवाई है जबकि 127 लोग घायल हुए हैं। हादसों का कारण तेज रफ्तार और अन्य यातायात नियमों का पालन न करना है। खास बात ये है कि 6 मुख्यमार्ग ऐसे हैं जहां सबसे अधिक हादसे हुए हैं।
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वर्ष 2022 के आंकड़ों की बात करें तो जिले में 140 हादसे हुए थे। इन हादसों में 88 लोगों की मौत हुई थी जबकि 100 घायल हुए थे। वहीं, इस वर्ष अब तक 80 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं जबकि 127 लोग घायल हो चुके हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि वर्ष 2022 के मुकाबले वर्ष 2023 में सड़क हादसों की संख्या के साथ घायलों की संख्या बढ़ी है और हादसों से हुईं मौत के आंकड़ों में कमी आई है।
दादरी जिले की बात करें तो पुलिस विभाग सड़कों पर हादसे वाले स्थान चिह्नित कर चुका है। दूसरी ओर सड़क सुरक्षा की बैठक में भी हादसों को रोकने पर अधिकारी मंथन करते हैं। हालांकि धरातल पर उस तरह के प्रबंध नजर नहीं आते। पुलिस और जिला प्रशासन समेत संबंधित विभागों और सरकार को हादसों की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। हादसों में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट खत्म करने जरूरी हैं। वहीं, ज्यादातर हादसों का कारण जिले में भारी वाहन बन रहे हैं और इन पर भी नकेल कसने की दरकार है।
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इन मार्गाें पर होते हैं हादसे
करीब 15 माह पहले ही शुरू किए गए नेशनल हाईवे 152-डी पर अब तक 20 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 18 लोगों की मौत हुई है जबकि 15 से ज्यादा व्यक्ति घायल हुए हैं। यहां ज्यादातर हादसे भारी वाहनों की वजह से हुए हैं। इसी प्रकार दादरी-बाढड़ा, दादरी-रोहतक, दादरी-दिल्ली और दादरी- भिवानी और दादरी महेंद्रगढ़ रोड पर भी ज्यादा हादसे हुए हैं।


दो साल में 155 पुरुषों और 13 महिलाओं की गई जान
वर्ष 2022 और 2023 की बात करें तो सड़क हादसों में 155 पुरुषों और 13 महिलाओं की जान गई है। वर्ष 2022 में हुए हादसों में कुल 100 लोग घायल हुए जिनमें 80 पुरुष और 20 महिलाएं हैं। इसी प्रकार वर्ष 2023 में हुए हादसाें में 127 लोग घायल हुए जिनमें 104 पुरुष और 23 महिलाएं शामिल हैं। वर्ष 2022 में कुल 140 और वर्ष 202 में अब तक 150 सड़क हादसे हुए हैं।


किसी ने खोया इकलौता बेटा तो किसी का पति चल बसा
जिले में नियमित अंतराल पर हो रहे सड़क हादसों में परिवारों को जीवनभर का दर्द मिल रहा है। इन हादसों में किसी परिवार को इकलौता बेटा तो किसी को मुखिया गंवाना पड़ा है। सड़कों के खून से लाल होने पर परिवारों को जीवनभर का दर्द मिला है।


जागरूकता के साथ नियम तोड़ने वालों पर सख्ती बरत रही पुलिस : डीएसपी
यातायाता नियमों का पालन करके सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। इसके मद्देनजर जिला पुलिस जागरूकता अभियान चलाती है। इसके अलावा यातायात नियम तोड़ने वाले चालकों पर पुलिस की ओर से सख्ती भी बरती जाती है। अगर चालक यातायात नियमों का पालन करें तो स्वत: ही हादसों में कमी आ जाएगी।
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-अशोक कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर


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