चरखी दादरी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रजिस्ट्रार सोसायटी से पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं के भवनों में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट को अनुदान पर लगवाने के लिए स्कीम शुरू की है। अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार 75 प्रतिशत अनुदान पर सामाजिक संस्थाओं के भवनों की छत पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट लगवा रही है। इस प्लांट के लिए वही संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं, जो सरकार से रजिस्टर्ड हों और नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर उनका पंजीकरण कराया गया हो। समाज सेवा का कार्य कर रही अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग की पंजीकृत धर्मशालाओं में 75 प्रतिशत अनुदान पर ये पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इनकी क्षमता पांच किलोवॉट की होगी और बैटरी बैंक भी साथ में होगा। पावर प्लांट की 25 प्रतिशत राशि संस्था को वहन करनी होगी। एक साल में एक मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे, जिन पर सरकार करीब 3.50 करोड़ की राशि का अनुदान उपलब्ध करवाएगी।
अनुराग ढालिया ने बताया कि सरकारी, गैर सरकारी गुरुकुल, कामकाजी महिला छात्रावास, रेडक्रॉस संस्थान व धर्मार्थ संस्थाओं में 50 प्रतिशत अनुदान पर सोलर ग्रिड पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इनकी 50 प्रतिशत लागत संस्था को स्वयं वहन करनी होगी। ये प्लांट दस किलोवाट तक के बैटरी बैंक सहित लगवाए जा सकते हैं और बिना बैटरी के 50 किलोवॉट तक के पावर प्लांट लगवाए जाएंगे। यह योजना पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लागू की हुई है।