चरखी दादरी। गांव अटेला नया निवासी पहलवान स्नेहा महज 11 साल की उम्र में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छह पदक जीत चुकी है। महज छह साल की उम्र में अखाड़े में उतरने वाली स्नेहा का लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना और तिरंगा लहराना है। शौकिया तौर पर मैदान में उतरी स्नेहा ने एक राष्ट्रीय और पांच राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किया है। अब कोच और पिता प्रवीण कुमार की देखरेख में अटेला नया स्थित बाबा मंढालिया कुश्ती अखाड़ा में अभ्यास कर रही है।
स्नेहा के पिता प्रवीण ने बताया कि बचपन से ही उसकी खेलने में रूचि थी। खेल-खेल में अपने उम्र के बच्चों के साथ कुश्ती करती थी। एक दिन स्नेहा को कुश्ती के दांव लगाते देखा तो लगा यह पहलवान बन सकती है। इसके बाद उसे उसे अपने साथ अखाड़ा ले जाने लगा और अभ्यास कराया। उसी समय से स्नेहा लगातार अखाड़े में अभ्यास कर रही है। स्नेहा ने राज्य स्तर पर 2022 में स्कूूली खेलकूद प्रतियोगिता में अंबाला में कांस्य पदक जीता था। 2023 में उसने प्रदेश लेवल पर तीन प्रतियोगिताओं में पदक जीते। प्रवीण बताते हैं कि 2023 में ही उसने रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 34 किलो भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता था।
प्रवीण बताते हैं कि स्नेहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्च में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए पसीना बहा रही है। वह सुबह-शाम तीन-तीन घंटे अभ्यास करती है। यूं तो पढ़ाई में भी वह अच्छी है लेकिन उसका फोकस खेल पर है।
स्नेहा की उपलब्धियां
2022 राज्यस्तरीय स्कूली खेलकूद अंबाला में कांस्य पदक
2023 राज्यस्तरीय स्कूली खेलकूद कुरुक्षेत्र में रजत पदक
2023 राज्यस्तरीय कुश्ती स्पर्धा हांसी में स्वर्ण पदक
2023 नेशनल लेबल कुश्ती स्पर्धा रोहतक में स्वर्ण पदक।