चरखी दादरी। ग्रैप प्रणाली लागू होने से अधर में लटका श्यामसर तालाब का जीर्णोद्धार कार्य अगले 15 दिन में पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए नगर परिषद ने एजेंसी को निर्देश दे दिए हैं। वहीं, नगर परिषद की योजना है कि नववर्ष से पहले जीर्णोद्धार कार्य पूरा करवाकर ये ऐतिहासिक धरोहर आमजन को समर्पित कर दी जाए। तालाब के जीर्णोद्धार कार्य पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बता दें कि श्यामसर तालाब के जीर्णोद्धार की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2016 में की थी। इसके बाद करीब चार साल तक ये घोषणा कागजों तक ही सीमित रही और इसके बाद धरातल पर काम शुरू हुआ। नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के जरिये एजेंसी की मार्फत जीर्णोद्धार कार्य शुरू करवाया था। वहीं, करीब एक साल की समय अवधि में एजेंसी की ओर से 90 प्रतिशत कार्य किया गया जबकि 10 प्रतिशत काम अभी बाकी है।
करीब एक माह पहले ग्रैप-3 लागू होने के चलते कार्य रोकना पड़ा था। अब ग्रैप-3 की पाबंदी हट गई हैं और ऐसे में नगर परिषद को तालाब के जीर्णोद्धार का अधूरा काम जल्द पूरा करवाने की दरकार है। लंबे समय से शहरवासी तालाब का जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी जल्द ही बचा हुआ काम पूरा कर देगी।
- 400 साल पहले एक लाख मुद्रा खर्च कर बनाया गया था तालाब
स्थानीय निवासी श्रीचंद स्वामी व मास्टर घीसूराम आदि ने बताया कि उन्होंने बुजुर्गों से सुना है कि तालाब का निर्माण 400 साल पहले लाला सीता राम ने करवाया था। उन्होंने बताया कि तालाब के चार घाट बने हुए थे जबकि इसके चारों तरफ मंदिर भी थे। उस दौरान तालाब का निर्माण कराने पर एक लाख स्वर्ण मुद्राएं खर्च हुई थीं।
तालाब का जीर्णोद्धार कार्य ग्रैप-3 के चलते रोकना पड़ा था। अब ग्रैप-3 की पाबंदी हट चुकी हैं और बचा हुआ कार्य जल्द पूरा करवा दिया जाएगा। इस संबंध में एजेंसी को निर्देश दे दिए गए हैं। -बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद