चरखी दादरी। गीता जयंती महोत्सव के तहत गीता भवन सभागार में आयोजित सत्संग के छठे दिन स्वामी भास्कर गिरी महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ और दिव्य संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को माध्यम बनाकर गीता का उपदेश दिया।
भास्कर गिरी महाराज ने संसार की नश्वरता और आत्मा की अमरता के महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह संसार भगवान की विभूति है जो आत्मा के माध्यम से जीवित प्रतीत होता है। स्वामी ने गीता के विराट रूप दर्शन प्रसंग को समझाया। इसमें अर्जुन ने भगवान के मुख में समस्त योद्धाओं को समाहित होते देखा।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि वह केवल निमित्त मात्र है क्योंकि सब कर्म भगवान की इच्छा से ही संपन्न होते हैं। इस अवसर पर गंगाराम बिरोहड़िया, प्रीतम सिंह, मास्टर श्यामलाल, नरेश सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह प्रवचन शृंखला 11 दिसंबर तक जारी रहेगी।
स्वयं को समाज सेवा के योग्य बनाएं युवा : स्वामी सच्चिदानंद
चरखी दादरी। गांव डोहकी में सात दिवसीय व्यायाम प्रशिक्षण एवं चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर के प्रथम दिन व्यायाम शिक्षक नारायण आर्य ने शिविरार्थियों को सर्वांगसुंदर व्यायाम के साथ विभिन्न मनोरंजक खेल सिखाए।
इस अवसर पर स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि जीवन की यात्रा में कई वस्तुओं की आवश्यकता होती है। जीवन में चार बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इनमें स्वास्थ्य, विद्याध्ययन, समाजसेवा व ईश्वर उपासना शामिल हैं। कहा कि सबसे पहले तो शरीर को स्वस्थ रखना है। बालकों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। ताकि, उनके शरीर के अंग-प्रत्यंग सुदृढ़ हो जाएं। उन्हें सामूहिक खेलों में भाग लेना चाहिए। इस अवसर पर सुरेश आर्य, विजेंद्र आर्य, नारायण आर्य, दिनेश, अनुराग आदि की उपस्थिति रही।