चरखी दादरी। पुरानी अनाज मंडी में सांवरिया मित्र मंडल की ओर से आयोजित चार दिवसीय श्रीश्याम महोत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन गोवर्धन लीला का मंचन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने श्रीकृष्ण से संबंधित अनेक लीलाओं का वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
परिसर में श्याम दरबार को विशेष रूप से सजाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वशिष्ठ अतिथि विधायक सोमबीर सांगवान ने किया। इसके बाद राजस्थानी नट सम्राट राजेश प्रभाकर मंडलोई की टीम ने गोवर्धन लीला का मंचन किया गया। मंचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका आशका मंड़लोई व बरखा पंडित ने राधा का किरदार बखूबी निभाया।
सर्वप्रथम कलाकारों ने भगवान कृष्ण की जन्म लीला का मंचन किया गया। इसके बाद अन्य प्रसंगों का मंचन किया गया। गोवर्धन पर्वत लीला का मंचन करते हुए कलाकारों ने दिखाया कि सभी बृजवासी देवराज इंद्र की पूजा कर रहे थे। इसी दौरान श्रीकृष्ण ने मां यशोदा से पूछ लिया कि सभी इंद्र की पूजा क्यों कर रहे हैं? इसका जवाब देते हुए यशोदा ने कहा कि पूजा करने से देवराज इंद्र खुश हो जाते हैं और अच्छी वर्षा करते है। इससे अन्न की पैदावार और गायों के लिए चारा पर्याप्त मिलेगा।
उनका जवाब सुनकर श्रीकृष्ण ने कहा कि फिर तो हमें गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए। सभी बृजवासी कृष्ण की बात पर सहमत होकर गोवर्धन की पूजा करने लगे। इससे क्रोधित होकर इंद्र देव ने मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। यह देखकर बृजवासी काफी परेशान हो गए और भगवान कृष्ण के पास पहुंचे। बृजवासियों की परेशानी को देखते हुए भगवान कृष्ण ने पूरे गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली से उठा लिया और सभी बृजवासी अपनी गऊओं के साथ पर्वत के नीचे पहुंच गए।
टीम के मुख्य कलाकार राजेश प्रभाकर मंडलोई ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य हिंदू धर्म का प्रचार- प्रसार करना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान संरक्षक रामअवतार सर्राफ, गौरी शंकर हड़ोदिया, विनोद गुप्ता, प्रधान राजकुमार मित्तल, उपप्रधान मोनू बिंदल, देवकीनंदन, महासचिव नवीन बिंदल व कोषाध्यक्ष सुरेश बंसल का विशेष सहयोग रहा।