टिक-टॉक का खुमार हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। पिछले तीन दिनों से टिक-टॉक पर अपलोड की गई एक वीडियो चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वीडियो में एक टवेरा नजर आ रही है जिस पर चरखी दादरी पुलिस लिखा हुआ है।
इस वाहन की एक नहीं बल्कि तीन वीडियो अब तक अपलोड की जा चुकी हैं। एक वीडियो में टवेरा खेत में खड़ी हुई है और इसके आगे दो बाइकें खड़ी हैं जिनमें से एक की नंबर प्लेट ही ब्लैक है और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर तक नहीं लिखा है। वहीं, इस वीडियो में एक युवक टवेरा की छत पर बैठा नजर आ रहा है।
यह वीडियो करीब छह सेकेंड की है। दूसरी वीडियो दस सेकेंड की है और इसमें भी चरखी दादरी पुलिस लिखी टवेरा खेत में खड़ी है। एक युवक आकर इसमें सवार होता नजर आ रहा है। तीसरी वीडियो करीब 11 सेकेंड की है और इसमें भी टवेरा की लोकेशन खेत की ही है और इस बार युवक बोनट पर बैठा हुआ है।
झोझू कलां थाना के स्टीकर लगी गाड़ी का जवाब एमटीओ ही देगा: एसएचओ
झोझू कलां थाना और चरखी दादरी पुलिस लगे स्टीकर की गाड़ी पर वीडियो बनाने के मामले में थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि यह गाड़ी कंडम थी। एमटीओ ने तीन फरवरी को उसकी बोली लगाकर बेच दिया था। अब गाड़ी को पुलिस प्रशासन के स्टीकर उतारे बिना ही उसे निजी हाथों में सौंपा है तो उसके बारे में एमटीओ ही जवाब दे सकता है।
जांच में दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई : एसपी
वीडियो देखा है। यह गाड़ी तीन फरवरी को पुलिस प्रशासन ने नीलाम कर दी थी। अब चरखी दादरी पुलिस लिखी हुई गाड़ी कैसे निजी लोगों को थमाई गई यह जांच का विषय है। इस मामले की जांच डीएसपी शमशेर सिंह दहिया को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। -बलवान सिंह राणा, एसपी।