चरखी दादरी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करने पहुंची प्रदेश स्तरीय सार्थक टीम ने अपने दो दिवसीय निरीक्षण के बाद शनिवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर निरीक्षण में सामने आई कमियों पर मंथन किया। लघु सचिवालय स्थित सभागार में करीब छह घंटे तक चली इस बैठक में टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में मिली खामियों को प्रोजेक्टर पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अधिकारियों के समक्ष रखा और उन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
एनएचएम के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लो, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और एमसीएच निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव के नेतृत्व में पहुंची टीमों ने वीरवार और शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल, एमसीएच यूनिट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और उप स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, रिकॉर्ड प्रबंधन, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का गहनता से मूल्यांकन किया गया जिसमें काफी खामियां सामने आई थीं।
शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सीएचसी एवं पीएचसी प्रभारी सहित संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। टीम ने निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और सुधार की संभावनाओं को विस्तार से साझा किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयावधि में सभी कमियों को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, लिंगानुपात तथा स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा की गई। टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अपेक्षा से कम प्रसव होने और मरीजों के रेफरल से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड संधारण, स्टाफ की जवाबदेही और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
जिले में कम लिंगानुपात चिंता का विषय : डॉ. मनीष
बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान जिले में कई कमियां सामने आई हैं। इन सभी बिंदुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सिविल सर्जन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत कराया जाएगा तथा जहां लापरवाही पाई जाएगी वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिले में कम लिंगानुपात चिंता का विषय है और इसके सुधार के लिए गंभीर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी बनी हुई है, जिसे दूर करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
डॉ. बंसल ने बताया कि एमसीएच यूनिट से एक सप्ताह के दौरान 20 गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर किए जाने के मामले की भी जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के अन्य डिलीवरी केंद्रों पर भी अपेक्षा से कम प्रसव संख्या पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि सार्थक टीम द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना और लोगों को सरकारी अस्पतालों में अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि दादरी में घुटना प्रत्यारोपण, 24 घंटे लैबोरेटरी, ब्लड बैंक और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 100 बेड वाले अस्पताल को 200 बेड में अपग्रेड करने की मंजूरी मिल चुकी है तथा जल्द ही नया ब्लॉक और क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी स्थापित किया जाएगा।
वहीं एमसीएच निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिसरी उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला मिला था। कर्मचारियों ने बताया कि वे टीकाकरण अभियान के लिए गए हुए थे। इस संबंध में रिकॉर्ड को तलब किया गया है।