चरखी दादरी। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह बीत गया है और दाखिला प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। दूसरी ओर राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। इस समय जिला में 1909 नियमित शिक्षक कार्यरत है जबकि 222 कौशल रोजगार निगम के तहत लगे हुए हैं। इस प्रकार कुल 2131 शिक्षक ही कार्यरत हैं। ऐसे में फिलहाल जिले में 500 शिक्षकों की और जरूरत है, तब जाकर कमी दूर होगी। अब तक जिले में 29 हजार से अधिक दाखिले हो चुके हैं।
बता दें कि कई राजकीय स्कूल तो ऐसे हैं जिनमें दो से तीन शिक्षक ही कार्यरत हैं। जिले में 220 प्राइमरी स्कूल हैं। इनके अलावा 68 सीनियर सेकेंडरी, 50 हाई व शेष मिडिल स्कूल हैं। राज्य सरकार ने पिछले तीन-चार माह में पीजीटी शिक्षकों की तो कुछ रिक्त पदों पर तैनाती की है। इस समय 7471 टीजीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया डेढ़ साल से अधर में लटकी हुई है। टीजीटी शिक्षकों की केवल अंतिम चयन सूची जारी होनी बाकी है। लिखित परीक्षा हो चुकी है।
इस समय नया शिक्षा सत्र समेत पाठयक्रम शुरू हो चुका है। विभिन्न विषयों के शिक्षकों के पद खाली होने से पढ़ाई बाधित हो रही है। हाई स्कूल तक विद्यार्थी को हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, कंप्यूटर के अलावा वैकल्पिक विषयों के रूप में शारीरिक शिक्षा, संगीत,कला, गृह विज्ञान, संस्कृत व पशुपालन आदि विषय पढ़ने होते हैं। इन सभी विषयों का कम से कम एक शिक्षक तो प्रत्येक स्कूल में अवश्य होना चाहिए ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने पाए। ऊपर से शिक्षकों की कमी बनी हुई है इसके बावजूद समय-समय पर शिक्षकों की अन्य सरकारी कामकाज के लिए ड्यूटी भी लगती रहती हैं। बीएलओ का काम भी शिक्षक ही कर रहे हैं। बीच-बीच में शिक्षकों के प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित होते रहते हैं।
वर्ष 2023 में खत्म किए थे पद
विदित रहे कि 2023 में सरकार ने काफी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों के पदों को खत्म कर दिया था। पद खत्म होने पर अभिभावकों ने जगह-जगह विरोध भी किया था। सरकार की ओर से प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती तो काफी समय से नहीं की गई है। प्राइमरी स्कूल तो प्रत्येक गांव में खुला हुआ है। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है। शिक्षकों की कमी भी इन स्कूलों में नहीं होनी चाहिए।
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। जैसे ही भर्ती प्रक्रिया पूरी होती है, शिक्षकों की तैनाती हो जाएगी। कौशल रोजगार निगम के तहत भी शिक्षकों की भर्ती की गई है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद शिक्षकों के भरने की पूरी उम्मीद है।
-ज्ञानेंद्र सिंह, कार्यकारी डीईओ, शिक्षा विभाग
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शहर स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल। संवाद