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अमर उजाला एक्सकलूसिव:
- 126 करोड़ की परियोजना पर काम पूरा होने से सीवर लाइनों से नियमित हो रहा पानी का उठान, वार्डाें में भी नजर आया सुधार
- दो नए पंपिंग स्टेशन से पानी उठान में आई तेजी, पुराने पांच भी किए गए अपग्रेड
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। अब शहर में सीवर के पानी की उठान क्षमता 10 एमएलडी प्रतिदिन हो गई है। पहले यह क्षमता छह एमएलडी थी। इसके चलते ज्यादातर वार्डाें में सीवर की समस्या बनी रहती थी।
जनस्वास्थ्य विभाग फिलहाल नियमित रूप से सीवर के पानी का उठान कर रहा है। इससे करीब एक लाख की आबादी को काफी हद तक सीवर समस्याओं से राहत मिली है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अभी सीवर परियोजना के तहत कुछ और काम होने हैं। इसके बाद व्यवस्था में और सुधार देखने के लिए मिलेगा।
बता दें कि विभाग ने शहर में सभी सीवर पंपिंग स्टेशन से पानी उठान की क्षमता बढ़ा दी है। इस समय पानी उठान की क्षमता करीब डेढ़ गुना से ज्यादा हो गई है। सीवर मेन लाइनों से पानी उठान आसानी से होने लगा है। विभाग के पांच पुराने पंपिंग स्टेशनोंं पर बड़ी क्षमता के मोटर लगाने से इसमें सुधार आया है। वहीं, दो नए पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। इससे पानी उठान कार्य तेज हुआ है।
दरअसल, शहर की सीवर व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग एक साल से जुटा है। करीब 126 करोड़ के सीवर प्रोजेक्ट का काम विभाग ने पूरा कर लिया है। पहले थोड़ी सी बारिश होने पर ही सीवर ऊपर तक भर जाते थे। शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन है। इस समय सफाई कर्मचारी लाइनों को खोलने के लिए प्रतिदिन काम करते हैं। क्षेत्र वाइज यह काम किया जा रहा है। वहीं, जेट मशीन के जरिए भी लाइनों के ब्लॉकेज खोले जा रहे हैं।
सीवर समस्या दूर करने के लिए विभाग ने किए ये प्रयास
विभाग शहर को सीवर की समस्या से स्थायी तौर पर निजात दिलाने के लिए विशेष योजना के तहत काम को अंतिम रूप दे रहा है। इस योजना के तहत शहर के तिकोना पार्क से दिल्ली रोड एसटीपी तक नई सीवर लाइन बिछाई गई है। कुछ लाइनों को लेमिनेशन भी किया गया है। शहर के विभिन्न भागों में बने पंपिंग स्टेशनों पर 20, 25, 30, 45 व 60 हॉर्स पावर के नए मोटर लगाए गए हैं। इनकी पानी उठान की क्षमता पुरानी की तुलना में दोगुना है। नए मोटरों में खराबी भी कम आएगी।
- सुपर सकर मशीन की कमी अभी बरकरार
कई बार शहर में सीवर लाइन में बड़ी ब्लॉकेज हो जाती है। इसे केवल सुपर सकर मशीन से ही खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए फिलहाल विभाग के पास सुपर सकर मशीन नहीं है। पिछले पांच सालों से लगातार सुपर सकर मशीन की मांग उठ रही है। अब तक पूरी नहीं हुई है। जरूरत पड़ने पर दूसरे जिलों से उधारी की मशीन लेकर ब्लॉकेज खोलनी पड़ती है। जिलावासी तीन से चार मंत्रियों के समक्ष यह मांग रख चुके हैं, लेकिन उनके इस प्रयास से केवल आश्वासन ही मिल पाया।
वर्सन:
सभी पंपिंग स्टेशनों पर नए मोटर लगने से पानी उठान की क्षमता बढ़कर 10 एमएलडी हो गई है। पानी उठान की क्षमता डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ी गई। नियमित रूप से अब सीवर लाइनों से पानी का उठान किया जा रहा है।
-कनिष्ठ अभियंता, बीके जावला, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर के पंपिंग स्टेशन में लगे नए मोटर। संवाद
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दादरी सदर थाने के पीछे बनाया गया नया पंपिंग स्टेशन। संवाद