चरखी दादरी। शहर की मुख्य सड़कों और गलियों में टूटे व खुले पड़े सीवर मैनहोल ढक्कन राहगीराें और वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बने हुए हैं। कई हादसे होने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर मैनहोल ढक्कन दुरुस्त नहीं किए हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति गहरा रोष बना हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से शहर के सभी खुले व टूटे मैनहोल को ठीक करवाने की मांग की है ताकि और कोई बड़ा हादसा नहीं हो सके।
शहर के अनेक क्षेत्रों में बनी जलभराव की समस्या को लेकर लोगों को अनेक परेशानी वहन करनी पड़ रही है, लेकिन इसके साथ ही खुले व टूटे पड़े सीवर मैनहोल लगातार हादसों का सबब बनते जा रहे हैं। एक हादसे में दम तोड़ने वाले व्यक्ति की पत्नी ने 20 जुलाई को ही जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ता महिला ने उसके पति के साथ हुए हादसे का जिम्मेदार विभागीय लापरवाही को बताया है।
यह मामला सामने आने के बाद संवाददाता ने शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर खुले और क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि उस हादसे से भी विभाग ने सबक नहीं लिया है और अभी भी विभिन्न क्षेत्रों में समस्या बरकरार है। कई ऐसे मैनहोल हैं जो सड़क के लेवल से काफी ऊंचे और नीचे हैं और जल्द इनकी सुध न लेने पर ये भी हादसों का कारण बनेंगे। वहीं, शहरवासियों ने बताया कि वो कई दफा शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है।
- इन क्षेत्रों में खुले व टूटे पड़े है मैनहोल
शहर के काठमंडी स्थित राजकीय कन्या स्कूल के सामने, पंचनद चौक से स्टेडियम चौक रोड, हीरा चौक, घिकाड़ा रोड, वार्ड 7 स्थित रोहतक रोड से तंबाकू फैक्टरी रोड, घिकाड़ा रोड से बस स्टैंड को जाने वाली गली आदि क्षेत्रों में सीवर मैनहोल दुरुस्त नहीं हैं।
- जलभराव के दौरान नजर नहीं आते मैनहोल
शहर में बनी जलभराव की समस्या के चलते कई बार पानी के नीचे सीवर मैनहोल दिखाई नहीं देते हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालक और राहगीर इनमें गिरकर घायल हो जाते हैं। पहले भी शहर में कई बार लोगों के मैनहोल में गिरने के मामले सामने आ चुके हैं।
हमारे पास सीवर मैनहोल ढक्कन की कमी नहीं है। बारिश से पहले सर्वे कर शहर के सभी टूटे पड़े ढक्कनों को बदलवा दिया था। अगर अब भी कोई मैनहोल खुला है तो तुंरत अपने कर्मचारी भेजकर ढक्कन लगवा दिए जाएंगे।
-बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग