झोझूकलां के बालनाथ आश्रम में यज्ञ करते स्वयंसेवक और आचार्य देवी सिंह।
झोझूकलां। चरखी दादरी जिले के राजकीय महाविद्यालय का सात दिवसीय एनएसएस शिविर गांव आमदपुर-बलाली स्थित श्रीबालानाथ योगाश्रम में आयोजित किया जा रहा है। इसके तीसरे दिन सोमवार को आचार्य देवी सिंह ने स्वयंसेवकों को यज्ञ का महत्व और मनुष्य जीवन के सभी 16 संस्कार बताए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि शिविर में स्वयंसेवकों ने गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया और इसमें पर्यावरण शुद्धि, शांति के लिए आहुतियां अर्पित की। आचार्य देवी सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति में मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक 16 संस्कार होते हैं। वे सभी यज्ञ से ही सफल होते हैं। यज्ञ सभी प्रकार के रोगाणुओं, विषाणुओं को तत्काल नष्ट कर मनुष्य को मानसिक और आत्मिक शांति प्रदान करता है। इससे वह विपरीत परिस्थितियों में भी सहज स्वभाव और शांति कायम रखता है।
आश्रम के सचिव नरेश कुमार ने कहा कि मनुष्य चोला अनमोल है। इस चोले में मनुष्य को यज्ञमय जीवन ही जीना चाहिए। समाज के लिए कार्य करने से ही जीवन सार्थक बनता है, अन्यथा पशु और मनुष्य में कोई अंतर नहीं है। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी चंद्रभान ने कहा कि युवा शिक्षित होने के साथ संस्कारित भी होना चाहिए। इस दौरान निशांत, सतीश, विवेक, बंटी, पुनीत, मनीष, साहिल, अमित, विशाल, अंशुल, देवेंद्र, विकास, यशवीर आदि मौजूद रहे।