चरखी दादरी। शहरी स्वच्छता और सुंदरीकरण के लिए अब स्थानीय निकायों का अलग से स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जाएगा। राज्य सरकार नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में यह सर्वेक्षण करवाएगी। राज्य स्तरीय स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगर परिषद निदेशालय की नियमावली का इंतजार कर रही है।
केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम का भी इंतजार है, जो आमतौर पर दो अक्तूबर को घोषित होते रहे हैं। नगर परिषद शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में सफाई व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर दे रही है। आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
शहर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। शहर के प्रमुख बाजारों, गलियों, सार्वजनिक स्थानों और मोहल्लों में नियमित सफाई करवाई जा रही है। कचरा एकत्रित करने के बाद उसका समय पर उठान सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसी भी स्थान पर कचरा जमा न होने देना है।
प्रतिदिन करीब 35 टन कचरा एकत्रित किया जा रहा : नगर परिषद शहर से घर-घर कचरा उठान करवा रही है। इसके लिए कचरा उठाने वाले 22 वाहन विभिन्न वार्डों में लगाए गए हैं। शहर से प्रतिदिन करीब 35 टन कचरा एकत्रित किया जा रहा है। कचरा उठान के साथ-साथ लोगों से अपील की जा रही है कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें। नागरिकों से यह भी कहा जा रहा है कि वे कचरा खुले में न डालें। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरवासियों की भागीदारी विशेष तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नगर परिषद ने वार्ड स्तर पर स्वच्छता कमेटियां भी बना रखी हैं।
आम लोगों को स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। वार्ड स्तर पर लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान : सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था पर भी नगर परिषद का विशेष ध्यान है। विभिन्न स्थानों पर बने शौचालयों की नियमित सफाई करवाई जा रही है। उनकी स्थिति की निगरानी भी की जा रही है। नगर परिषद का प्रयास है कि सार्वजनिक शौचालय साफ-सुथरे रहें ताकि लोगों को उनका उपयोग करने में परेशानी न हो।
शौचालयों की सफाई के लिए अलग से अंक तय किए गए हैं। सार्वजनिक सफाई के लिए भी अलग से अंक निर्धारित हैं। पार्षदों को भी अपने वार्ड में सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य भी दिया गया है।