चरखी दादरी। जलशक्ति अभियान के अंतर्गत जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रत्येक खंड के पांच राजकीय स्कूलों को चयन किया है। योजना के पहले चरण में 20 गांवों के सरकारी भवनों में रैन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं, जिनसे लोगों को भी बारिश का पानी संचय करने की प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही वर्षा जल संग्रहण के लिए गांवों में सोखते गड्ढों व जोहड़ों की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के आयोजना विभाग के परियोजना अधिकारी दीवान सिंह श्योराण ने शुक्रवार को जिले के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और मनरेगा अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जलशक्ति अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि जिले के झोझू, दादरी, बौंद और बाढड़ा खंड के पांच-पांच सरकारी स्कूल भवनों में वर्षा जल संरक्षण के लिए वाटर टैंक व सोखते गड्ढों का निर्माण करवाया जाएगा। कुछ गांवों जैसे पचगांव, गोपी, संतोखपुरा, मकड़ाना, अटेला नया आदि में तो जलभराव वाले स्थानों पर मनरेगा योजना के तहत सोखते गड्ढे बनवाए जा रहे हैं। इसके अलावा गांव रानीला, कादमा, दगड़ौली, पैंतावास खुर्द आदि में जोहड़ों की छंटाई कर उनकी सफाई का कार्य भी करवाया जा रहा है। बैठक में बाढड़ा व दादरी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रोशनलाल श्योराण, झोझू के विकास एवं खंड पंचायत अधिकारी सुभाष शर्मा, बौंद खंड के विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेश छिक्कारा, एबीपीओ मंजीत फौगाट, वरुण सिवाच, नवीन शर्मा, राजेश, रामनिवास आदि उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में 69 सोखते गड्ढे बनाए
दीवान सिंह श्योराण ने कहा कि सोकपिट के गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को एक जगह एकत्रित किया जाएगा, जिससे कि भूजलस्तर में सुधार हो सके। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे 69 गड्ढे बनाकर तैयार कर दिए गए हैं। रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए सरकारी बिल्डिंग की छतों की सफाई करवाकर और पाइपलाइन बिछाकर पानी को वाटर स्टोरेज टैंक में एकत्रित किया जाएगा और ओवरफ्लो पानी को एक अलग सोखते गड्ढे में डाला जाएगा।