सोमवार को कड़ाके की ठंड के बीच बस का इंतजार करते बच्चे।
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ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार ने भले ही दो दिन का सरकारी अवकाश घोषित किया हो, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने कक्षाएं लगाकर आदेशों की धज्जियां उड़ाई हैं। पिछले एक सप्ताह के अंदर तीसरी दफा सरकार के आदेशों की निजी स्कूल संचालकों ने अवहेलना की है। स्कूल संचालकों की मनमानी के चलते बच्चों को कड़कड़ाती ठंड के बीच स्कूल पहुंचना पड़ा। ये सब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के नाक के नीचे हुआ। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच रविवार को सीएम मनोहर लाल ने राज्य के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में 30 दिसंबर से एक जनवरी तक दो दिन का अवकाश करने की घोषणा की थी। इसके बाद 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश आरंभ हो जाएंगे। लेकिन सोमवार को न्यूनतम तीन डिग्री तापमान में भी बौंद खंड के अलावा दादरी और बाढड़ा ब्लॉक के गांवों में निजी स्कूल खुले रहे।
बता दें कि इससे पहले प्रदेश सरकार ने 26 दिसंबर को भी अवकाश घोषित किया था। क्षेत्र के निजी स्कूलों ने क्रिसमस दिवस और 26 दिसंबर को भी स्कूल खोले थे। बीईओ के संज्ञान में मामला आने के बाद क्षेत्र के 12 निजी स्कूलों से नोटिस जारी करके जवाब देने के लिए कहा गया था। वहीं, बढ़ती ठंड के चलते प्रदेश के सभी स्कूलों में एक जनवरी से 15 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। लेकिन इससे पहले पारा गिरने से बढ़ी ठंड को देखकर सरकार ने शीतकालीन अवकाश से पहले दो दिन और स्कूलों की छुट्टियां करने की घोषणा की थी। पिछले दो बार की तरह ही इस बार भी स्कूल संचालकों ने आदेशों की धज्जियां उड़ाईं और शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पर मौन रहे। सोमवार को तीन डिग्री तापमान में भी कई स्कूलों ने कक्षाएं लगाई गईं। वहीं, सरकारी स्कूलों के बच्चों के पास अवकाश की कोई सूचना नहीं होने पर ठंड के बीच विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना पड़ा। हालांकि यहां आने के बाद छुट्टी की सूचना पाकर छात्र घर लौट गए।
आदेशों का पालन नहीं होने पर होगी कड़ी कार्रवाई : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा ने बताया कि बढ़ती ठंड के चलते शिक्षा विभाग ने दो दिन पहले ही अवकाश घोषित कर दिए हैं। जिले के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में 15 जनवरी तक अवकाश रहेगा। आदेशों की कोई निजी स्कूल पालना नहीं करता है तो कड़ी कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई किए जाने का आदेश मिल चुका है।