संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में किसानों के लिए नकदी माने जाने वाली सरसों की बिजाई का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। इस बार भी सरसों की बिजाई का कुल रकबा एक लाख 50 हजार एकड़ तक रहने की उम्मीद है। बिजाई के बाद कृषि विभाग बिजाई क्षेत्र के आंकड़े एकत्रित करेगा। अब नवंबर के प्रथम सप्ताह में गेहूं की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा।
किसानों का गत पांच साल से सरसों की बिजाई के प्रति ज्यादा रुझान बढ़ा है। सरसों में इतनी सिंचाई की जरूरत नहीं होती है। लागत खर्च कम आता है। रात के समय लावारिस पशुओं से फसल की रखवाली भी नहीं करनी पड़ती है। सरसों का सरकारी रेट भी अच्छा खासा है। ऐसे में किसान सरसों की बिजाई में ज्यादा रुचि लेते हैं।
जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर है। हर साल रबी सीजन में तकरीबन 95 प्रतिशत एरिया में बिजाई हो जाती है। इस बार मानसून की खासी बारिश होने की वजह से बरानी क्षेत्र में सरसों की बिजाई का कार्य आसानी से हुआ। इससे बिजाई का रकबा बढ़ा है। बारिश की वजह से खेतों में नमी की मात्रा बनी रही। इससे किसानों ने बिना सिंचाई किए ही सरसों की बिजाई कर दी। नमी नहीं मिलने की वजह से सिंचाई करके बिजाई करनी पड़ती।