चरखी दादरी। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी रहने से दादरी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। पिछले करीब 16 दिनों से नियमित रूप से झाड़ू नहीं लगने और कचरे का उठान प्रभावित होने के कारण शहर की सड़कों, गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के ढेर लग गए हैं। शहर में अब तक करीब 270 टन कचरा जमा होने का अनुमान है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आम लोगों को घरों से निकलते ही बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़े हुए कचरे ढेर,
शहर की कई मुख्य सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कचरा लंबे समय तक पड़ा रहने से दुर्गंध फैल रही है जिससे लोगों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर नालियों और नालों के आसपास भी कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था और खराब होती जा रही है।
कचरे से फैल रही बदबू
स्थिति से परेशान लोग कई जगहों पर कूड़े में आग लगा रहे हैं। इससे उठने वाला धुआं आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है और लोगों की परेशानी दोगुनी हो रही है। एक ओर सड़कों पर फैला कचरा बदबू फैला रहा है तो दूसरी ओर जलते कूड़े का धुआं लोगों को परेशान कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
कचरे के लिए उठानी पड़ रही परेशानी
नगर परिषद की ओर से कुछ स्थानों पर सीमित स्तर पर कचरा उठाने का काम किया जा रहा है लेकिन शहर में जमा कचरे की मात्रा अधिक होने से इसका खास असर दिखाई नहीं दे रहा। लोगों का कहना है कि शहर की सामान्य सफाई व्यवस्था बहाल किए बिना केवल कुछ जगहों से कचरा उठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
दुकानों व घरों के सामने हालात खराब
इधर, शहरवासियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि कर्मचारियों और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बाजारों में आने वाले ग्राहक, दुकानदार, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर सभी गंदगी से प्रभावित हो रहे हैं।
जल्द समाधान की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालते हुए जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त कराई जाए और शहर में नियमित सफाई व्यवस्था बहाल की जाए। 16 दिनों से कचरे के बीच जी रहे दादरीवासियों को अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि साफ सड़कों और गलियों का इंतजार है।
वर्जन:
राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर हड़ताल निरंतर जारी है। सरकार को जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों की मांग मानकर जनता को राहत देनी चाहिए।सूरज, इकाई प्रधान, नगर परिषद।