दंगल गर्ल गीता और बबीता फौगाट की छोटी बहन संगीता फौगाट बुधवार को विश्व के नंबर एक पहलवान बजरंग पूनिया की जीवन संगीनी बन गईं। दोनों की शादी बलाली गांव में विधिविधान के साथ बेहद सादे समारोह में संपन्न हुई। संगीता ने जहां अपनी बड़ी बहनों द्वारा शुरू की गई आठवें फेरे की परंपरा कायम रखा, वहीं द्रोणाचार्य अवार्डी पिता महाबीर फौगाट ने लग्न में एक रुपया देकर बिन दहेज बेटियों की शादी का दस्तूर जारी रखा। दोनों ख्यातिलब्ध पहलवानों के शादी समारोह में 100 से भी कम लोग शामिल हुए।
संगीता फौगाट और बजरंग पूनिया ने आठवां फेरा लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ अभियान को आगे बढ़ाया। इस दौरान नवदंपती ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण को बचाने का आह्वान किया। दोनों ने गांव बलाली में साधारण व पारंपरिक रीति-रिवाज, बिना दहेज के साथ शादी करके आने वाली पीढ़ी के लिए नई मिसाल कायम की है।
संगीता ने अपने पिता के घर में जयमाला और शादी की रस्म पूरी की। शादी में बजरंग पूनिया 31 बारातियों के साथ दुल्हन को लेने पहुंचे। इस मौके पर पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान समेत विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के चुनिंदा लोग ही शामिल हुए। घर में बनाए गए पंडाल में संगीता और बजरंग ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। संगीता फौगाट ने लहंगा-चुन्नी तो वहीं बजरंग पूनिया ने क्रीम रंग की शेरवानी पहनी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वालीं संगीता फौगाट के पिता द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट ने बताया कि शादी कार्यक्रम में सादगी और फिजूलखर्ची न हो इसका ध्यान रखा गया। इसके अलावा कोरोना के चलते जारी की गई गाइडलाइन के अनुरूप ही शादी की गई। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि दिखावे के बजाय घर में बेटी पैदा होने पर उसको पढ़ाने में अपनी शान समझें।
बेटियों के साथ अब महाबीर फौगाट को चारों दामादों से पदक की उम्मीद
बेटी की शादी में गदगद नजर आए महाबीर फौगाट ने चारों पहलवान बेटियों (गीता, बबीता, विनेश और संगीता) के लिए पहलवान दामाद चुनने के सवाल पर बताया कि अब बेटियों के साथ चारों दामादों से भी पदक की उम्मीद रहेगी। विनेश फौगाट महाबीर फौगाट के भाई की बेटी है और विनेश ने कुश्ती के शुरूआती गुर महाबीर फौगाट से ही सीखे हैं।
Sangeeta and Bajrang's marriage became an example of simplicity- फोटो : CharkhiDadri
Sangeeta and Bajrang's marriage became an example of simplicity- फोटो : charkhi dadri