चरखी दादरी। शहर के रोहतक रोड फाटक पर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का इंतजार लंबा होता चला जा रहा है। 77 करोड़ की यह परियोजना अभी तक फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है। लोक निर्माण विभाग का ग्रैप-4 की पाबंदी हटते ही काम शुरू कराने का दावा है जबकि हकीकत यह है कि अब तक विभाग को वन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं मिली है जबकि टेंडर लेने वाली एजेंसी को मुख्यालय से कार्य आवंटन पत्र मिलने का इंतजार है।
दरअसल, रोहतक शहर का मुख्यमार्ग है और इस मार्ग पर फाटक भी है। फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की मांग करीब डेढ़ दशक पुरानी है। करीब एक साल पहले ही मांग के परवान चढ़ने की उम्मीद जगी थी। सरकार की ओर से स्वीकृति देने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से एस्टिमेट तैयार किया गया था। लंबे इंतजार के बाद लोक निर्माण विभाग रेलवे से एनओसी ले पाया था और उसके बाद टेंडर आमंत्रित किया गया था।
टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ने से पहले ही आचार संहिता लग गई और विभागीय अधिकारियों ने विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद एजेंसी को कार्यादेश जारी करने का दावा किया था। करीब दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी एजेंसी ने धरातल पर काम शुरू नहीं किया है। सूत्रों की मानें तो एजेंसी को कार्य शुरू करने के लिए अब तक लोक निर्माण विभाग मुख्यालय से कार्य आवंटन पत्र नहीं मिला है।
इसके अलावा विभाग के स्थानीय अधिकारी भी अभी तक जिला वन विभाग से एनओसी नहीं ले पाए हैं। वहीं, फिलहाल स्थानीय अधिकारी ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू होने का हवाला दे रहे हैं जबकि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की तरफ उनका ध्यान तक नहीं है।
फरवरी 2024 में पीएम ने वीसी से किया था शिलान्यास
28 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरओबी का शिलान्यास किया था। स्थानीय अधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली के चलते 9 माह बाद भी वन विभाग, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य विभाग से एनओसी नहीं ली जा सकी है।
24 घंटे में 30 बार बंद होता है फाटक, 20,000 वाहन चालक झेलते हैं परेशानी
रोहतक रोड फाटक 24 घंटे में 30 बार बंद होता है और इसके चलते प्रतिदिन करीब 20,000 से ज्यादा वाहन चालक परेशानी झेलते हैं। दूसरी ओर शहरवासी भी लंबे समय से आरओबी निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
आरओबी निर्माण पर यूं खर्च होने हैं 77 करोड़
77 करोड़ रुपये से आरओबी का निर्माण होगा। लोक निर्माण विभाग की ओर से 40 जबकि रेलवे विभाग की ओर से 18.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल और सीवर लाइन स्थानांतरित करने पर एक करोड़ और बिजली निगम तार व पोल कार्य पर तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा। अभी तक बिजली निगम में भी राशि जमा नहीं कराई है।
वन विभाग मुख्यालय की ओर से लगाई आपत्तियां नहीं कीं दूर
वन विभाग के रेंज अधिकारियों ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने एनओसी के लिए फाइल भेजी थी। जिलास्तर से फाइल उच्चाधिकारियों के पास भेजी गई। वन विभाग मुख्यालय ने कुछ आपत्तियां लगाकर फाइल वापस भेज दी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से आपत्तियों को दूर करने की योजना पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई।
ग्रैप-4 के नियम लागू होने से अभी आरओबी निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाया जा सकता है। वहीं, संबंधित विभागों से एनओसी लेने का कार्य साधारण प्रक्रिया है। ग्रैप-4 की पाबंदी हटते ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। कृष्ण कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, चरखी दादरी।