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शहर का मुख्य रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के चलते है बंद, कष्ट निवारण समिति की बैठक में दो बार मुद्दा उठा
- उद्योग मंत्री को एनएचआई एक्सईएन ने एक बार 15 दिन में तो दूसरी बार 10 दिन में आरओबी वाहनों के लिए खोलने का दिया आश्वासन, अब तक नहीं किया पूरा
-वाहन चालकों को तय करनी पड़ रही लंबी दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। एनएच-334 बी (दिल्ली-पिलानी) पर बना शहर का ढाणी फाटक रेलवे ओवरब्रिज छह माह से बंद है। अब तक इसका मरम्मत कार्य पूरा नहीं हुआ है। दो बार यह मुद्दा कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा। एनएचएआई एक्सईएन की ओर से उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा को दी गई दोनों डेडलाइन बीतने के बाद भी आरओबी वाहन चालकों के लिए नहीं खोला गया है।
दरअसल, ढाणी फाटक रेलवे ओवरब्रिज से प्रतिदिन पांच हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। करीब छह माह पहले ओवरब्रिज सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए इसे वाहन चालकों के लिए बंद किया गया था। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहन चालकों को महेंद्रगढ़ चौक के बजाय अब रावलधी व समसपुर बाईपास होते हुए झज्जर व दिल्ली की तरफ जाना पड़ रहा है।
वहीं, अन्य वाहन चालकों को दिन में 30 बार ढाणी रेलवे फाटक बंद रहने के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा उन्हें गांधी नगर रेलवे अंडरब्रिज से भी गुजरना पड़ रहा है। यहां वाहनों का दबाव बढ़ने पर अक्सर जाम की स्थिति रहती है। वहीं, स्थानीय लोग भी आवागमन में दिक्कतें झेल रहे हैं।
इन तमाम परेशानियों के चलते शहरवासियों ने जून में पहली बैठक लेने पहुंचे दादरी कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष एवं प्रदेश के उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। उस दौरान एनएचएआई एक्सईएन ने 15 दिन के अंदर ओवरब्रिज खाेलने का आश्वासन दिया था। इसके एक माह बाद भी ओवरब्रिज की स्थिति जस की तस रही।
इसके बाद करीब पंद्रह दिन पहले कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे मूलचंद शर्मा के समक्ष यह मुद्दा दूसरी बार रखा गया। उस दौरान एक्सईएन ने 10 दिन के अंदर ओवरब्रिज खोलने की दूसरी डेडलाइन दी। इस डेडलाइन को खत्म हुए पांच दिन हो चुके हैं। अब भी रेलवे ओवरब्रिज बंद है। इससे वाहन चालक व लोग परेशान हैं।
हर 30 मिनट बाद बंद होता है फाटक
ढाणी फाटक रोड निवासी दुकानदार अंकित, मनोज, राजू चांगिल, विनय, मुकेश और अजीत ने बताया कि ढाणी रेलवे फाटक हर 30 मिनट बाद बंद होता है। एक बार फाटक बंद होने पर दोनों तरफ करीब 300 से अधिक वाहन चालकों को यहां खड़े होकर 10 से 15 मिनट ट्रेन आने का इंतजार करना पड़ता है। 24 घंटे के अंदर यहां से 30 से ज्यादा ट्रेन गुजरती हैं।
-तत्कालीन डीसी मनदीप कौर ने तय कर रखी थी हर कार्य की समय अवधि
हाल ही में दादरी से तबादला होकर फतेहाबाद गईं डीसी मनदीप कौर इस परियोजना की लगातार मॉनीटरिंग कर रही थीं। उन्होंने कष्ट निवारण समिति की बैठक में न केवल एनएचएआई अधिकारी की खिंचाई की थी बल्कि उद्योग मंत्री मूलचंद शर्मा को आरओबी पर होने वाले अलग-अलग कार्याें को पूरा करने की समय अवधि भी बताई थी। उसके अनुसार एनएचएआई अधिकारी इस कार्य को पूरा करने में काफी देरी कर रहे हैं।
वर्सन:
ढाणी फाटक आरओबी का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। रोड की फिनिशिंग की जा रही है। चार-पांच दिन के अंदर आरओबी वाहन चालकों व राहगीरों के लिए खोल दिया जाएगा।
-विकास कुमार, जेई, एनएचएआई
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ढाणी रोड पर बने आरओबी के बीच मरम्मत कार्य के लिए उखाड़ी गई सड़क। संवाद
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आरओबी के फुटपाथ पर काम करता श्रमिक। संवाद