चरखी दादरी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा जिला इकाई ने वीरवार को आम सभा की। इसके उपरांत कार्यकारिणी ने मांगों व समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व परेशानियों को हल न करने का आरोप लगाते हुए कर्मी नेताओं व कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसकेएस डिपो प्रधान सुखवेंद्र बडराई, महासंघ डिपो प्रधान राजेश मकडानी, इंटक डिपो प्रधान अरविंद झोझू व चालक संघ डिपो प्रधान विकास रामबास ने संयुक्त रूप से की। बतौर मुख्य वक्ता एसकेएस राज्य उप महासचिव बलबीर जाखड़, जिला प्रधान कृष्ण कुमार उण, इंटक राज्य उप प्रधान सतेंद्र सहरावत, महासंघ राज्य चेयरमैन व जिला प्रधान रणबीर गहलोत ने शिरकत की। उन्होंने कहा लंबे समय से परेशानियों को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है लेकिन कोई हल नहीं निकाला जा रहा है। जीएम प्रदीप अहलावत को ज्ञापन सौंपते हुए एसकेएस जिला प्रधान कृष्ण उण व अन्य कर्मी नेताओं ने कहा कि 11 जून को राज्य परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के फरीदाबाद आवास पर प्रदर्शन व घेराव के दौरान मांगें रखी थी। मंत्री ने 23 जून को शिष्टमंडल से बातचीत की जिसमें कई मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन सहमति के बावजूद भी कई मांगों को लागू नहीं किया गया है। प्रदर्शन के दौरान श्रीभगवान मंदौला, मनोज मलिक, संदीप पहल, सुरेंद्र मानकावास, त्रिलोकचंद, रणबीर लाला, कमल मंदौला, सुमित चिडिया, सोमबीर मैहड़ा, सुरेश डोहकी आदि उपस्थित रहे।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने परिवहन विभाग का निजीकरण करते हुए 265 प्राइवेट परमिट जारी करने की जो प्रक्रिया अपनाई गई उसको तुरंत रद्द किया जाए। परिचालक व लिपिकों का वेतनमान 35,400 किया जाए, डिपो स्तर पर सहायक, लेखाकार, जूनियर ऑडिटर के पदों को बढ़ाया जाए और 2016 में लगे चालकों को पक्का किया जाए।