जिले में जुलाई माह में अब तक केवल 70 एमएम बारिश ही हुई है। इस सीजन में बारिश पिछले साल के मुकाबले आधी भी नहीं हुई है जबकि सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। कुछ सड़कों का पानी सूखते ही गड्ढे नजर आने लगे हैं जबकि कुछ मार्गों पर पहले से बने गड्ढे ज्यादा गहरे हो गए हैं। शहर की अंदरुनी और बाहरी कई सड़कें वाहन चालकों के चलने के लायक नहीं रही है। इन पर कदम-कदम पर हादसों का अंदेशा बना हुआ है। बारिश के बाद सड़कों पर उखड़ी रोड़ियां हादसों का कारण बन सकती हैं।
शहर की एक दर्जन से अधिक भीतरी और पांच बाहरी सड़कें पिछले लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। मानसून से पहले पीडब्ल्यूडी या नगर परिषद ने इन सड़कों को बनाने की जहमत नहीं उठाई। इस बार मानसून में काफी कम बारिश हुई है। कम बारिश ने भी जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरने वाले वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इन सड़कों पर बने गड्ढे और गहरे हो गए हैं जबकि कुछ गड्ढों का पानी अभी नहीं सूखा है। शहर की अंदरुनी और बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 50 से 60 हजार वाहन चालकों को आवागमन होता है। साथ ही बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 15 से 20 हजार भारी वाहन गुजरते हैं। इन सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी की है।
इन चार सड़कों की हालत सबसे अधिक खराब, वाहन चालक परेशान
1- रावलधी-भिवानी लिंक रोड पर दो हजार से अधिक गड्ढे
मानसून की इस बारिश के बाद रावलधी-भिवानी लिंक रोड की हालत और बुरी हो गई है। ज्यादातर छोटे वाहन चालक तो इस रास्ते को प्रयोग ही नहीं करते। यहां से प्रतिदिन करीब 15 हजार वाहन चालक गुजरते हैं और सड़क पर बने गहरे गड्ढों में कोई न कोई वाहन धंसा रहता है।
2- शहर के रोहतक रोड फोरलेन से नहीं सूखा पानी, डिवाइडर हुआ कंडम
शहर के एकमात्र लोहारु- रोहतक रोड फोरलने पर अभी कई जगहों पर बारिश का पानी भरा हुआ है। यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन है। इसके निर्माण की पिछले लंबे समय से दरकार है। परशुरामत चौक के समीप पानी भरने से फोरलेन का डिवाइडर भी जवाब दे गया है। डीसी आवास के सामने भी पानी भरा है।
3- महेंद्रगढ़ चुंगी रोड से तारकोल की परत ही गायब
गोशाला चौक से महेंद्रगढ़ चुंगी की तरफ जाने वाली सड़क से तारकोल की लेयर ही गायब है। पूरी सड़क पर रोडियां ऊखड़ी हुई हैं और इनके चलते हादसों का अंदेशा बना हुआ है। नगर परिषद इस सड़क का लंबे समय से निर्माण नहीं करवा रही है। यहां से प्रतिदिन पांच से छह हजार वाहन चालक गुजरते हैं।
4- हीरा चौक की तीन सड़कों के अब नए सिरे से निर्माण की दरकार
हीरा चौक का गोशाला मोड़, चरखी दरवाजा व परशुराम चौक से जुड़ाव करने वालीं सड़कों पर भी बारिश के बाद गड़्ढों की संख्या और बढ़ गई है। इन सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। इन तीनों मुख्य सड़कों से प्रतिदिन 20 से 25 हजार वाहन चालक गुजरते हैं और उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हें।
वाहन चालक बोले: मजबूरी में गुजर रहे खस्ताहाल सड़कों से
महेंद्रगढ़ चुंगी रोड से हमारा दिन में आठ से दस बार आवागमन होता है। सड़क जर्जर है और तारकोल की लेयर ही गायब है। पिछले दो साल से सड़क के निर्माण की दरकार है।
-ललित गुप्ता
बारिश ने सड़कों के स्वरूप को और बिगाड़ दिया है। जर्जर सड़कों से मजबूरीवश वाहन चालकों को गुजरना पड़ रहा है जबकि यह खतरे से खाली नहीं है। जल्द ही सड़कों का निर्माण करवाना चाहिए।
- विजय कुमार
शहर की कई सड़कों के निर्माण का प्रपोजल हम तैयार कर चुके हैं। लॉकडाउन के चलते निर्माण के लिए प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जल्द ही शहर की सभी जर्जर सड़कों का नए सिरे से निर्माण करवा देंगे।
- संजय छपारिया, चेयरमैन, नगर परिषद
रावलधी-भिवानी लिंक रोड के निर्माण का प्रपोजल हमने तैयार कर रखा है जबकि रोहतक रोड फोरलेन के बजट का इंतजार है। डिनाईटी भेजी जा चुकी है। जल्द ही इन सड़कों का नए सिरे से निर्माण करवा दिया जाएगा।
- सुरेंद्र दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
गड्ढों में तब्दील महेंद्रगढ़ चुंगी रोड।- फोटो : CharkhiDadri