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रितू फौगाट ने पहले ही साल लगातार चौथी बाउट जीती

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द्रोणाचार्य अवॉर्डी महाबीर फौगाट की सबसे छोटी बेटी रितू फौगाट ने एमएमए (मिक्स मार्शल आर्ट) चैंपियनशिप में लगातार अपना चौथा मैच जीता है। शुक्रवार को रितू ने सिंगापुर में फिलीपिंस की खिलाड़ी जोमरी टोरर्स को धूल चटाई। एक साल पहले ही रितू ने कुश्ती छोड़कर एमएमए में जाने का फैसला लिया था और अब तक वो एमएमए वन चैंपियनशिप करियर में एक भी बाउट नहीं हारी है। वो एमएमए ज्वाइन करने वाली एकमात्र भारतीय महिला पहलवान हैं।
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रितू दंगल गर्ल गीता और बबीता फौगाट की सबसे छोटी बहन हैं। रितू अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती खिलाड़ी रह चुकी हैं। वह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती स्पर्धाओं में एक दर्जन मेडल जीत चुकी हैं। एक साल पहले उन्हें एमएमए ज्वाइन की थी। एक साल के कैरिअर में रितू फौगाट की वन चैंपियनशिप की चार बाउट हुई हैं और चारों में रितू ने फतेह हासिल की है। शुक्रवार को रितू की जीत के बाद खेलप्रेमी पिता महाबीर सिंह फौगाट और मां दया कौर को बधाई देने पहुंचे।
रितू के भाई राहुल राहुल फौगाट ने बताया कि रितू ने कैरियर की तीसरी बाउट में कंबोडिया की खिलाड़ी को एकतरफा शिकस्त दी थी। उन्होंने बताया कि रितू ने एमएमए कैरियर की शुरुआत फरवरी 2019 में की थी और पहला मैच चीन की खिलाड़ी के साथ हुआ था। उस मैच में रितू ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
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बहन संगीता की शादी में भी नहीं पहुंची थीं रितू
गत 25 नवंबर को रितू फौगाट की बड़ी बहन संगीता फौगाट की शादी थी। वो बजरंग पूनिया के साथ परिणय सूत्र में बंधी थीं। चार नवंबर को होने वाली बाउट की ट्रेनिंग के चलते रितू फौगाट शादी में भाग लेने भी नहीं पहुंच पाई थीं।
महाबीर फौगाट बोले- अपने फैसले को बेटी ने सही साबित किया
द्रोणाचार्य अवॉर्डी महाबीर फौगाट अपनी बेटी की जीत से गदगद हैं। उनका कहना है कि बेटी रितू ने कुश्ती छोड़कर एक साल पहले एमएमए में जाने का फैसला लिया था और वह इस फैसले को अपनी जीत के साथ सही साबित भी कर रही है। रितू एमएमए ज्वाइन करने वाली एकमात्र महिला पहलवान है और इसका मुझे गर्व है।
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