चरखी दादरी। क्षेत्र में करीब दस दिन बाद मंगलवार दोपहर बाद बारिश हुई। एक घंटे तक मेघा बरसे और करीब 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली जबकि जलभराव आफत बन गया। बारिश से फसलों में फायदा पहुंचने की संभावना है।
बता दें कि पिछले करीब दस दिन से बारिश नहीं हुई थी। इस मानसून सीजन में गत 25 जून को हुई सर्वाधिक 85 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी। बीच में बारिश न होने से प्रशासन को शहर से पानी निकासी में काफी मदद मिली। अगर बारिश का सिलसिला जारी रहता तो पानी की निकासी करना मुश्किल हो जाता। वहीं, मौसम विभाग ने एक से छह अगस्त तक हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का अनुमान जताया था और एक अगस्त को मेघा बरस गए। दिन का अधिकतम तापमान 36 और न्यूनतम 28 डिग्री दर्ज किया गया।
जिले की बात करें तो पिछले तीन-चार दिन से पश्चिमी हवाओं का दबाव बना हुआ था। मंगलवार दोपहर तक मौसम साफ रहा। बाद में आसमान में काली घटा छाईं और रुक-रुककर बारिश होने लगी। करीब एक घंटे तक बारिश हुई और इस पानी का दबाव शहर की सीवरेज लाइनें झेल पाईं।
- इन क्षेत्रों में भरा पानी
शहर क परशुराम चौक, रोहतक रोड, रेस्ट हाउस, कोर्ट रोड, वार्ड-17, चरखी दरवाजा, पूर्ण मार्केट के पिछली तरफ वाले क्षेत्र समेत रोहतक रोड स्थित सभी मार्केट की गलियों में जलभराव हो गया।
- फसलों के लिए फायदेमंद हैं बारिश
बारिश से मौसम खुशगवार हो गया है। कुछ दिन से गर्मी बढ़ने लगी थी। रेतीला क्षेत्र में बारिश से फसलों में ज्यादा फायदा पहुंच रहा है। तराई वाले क्षेत्रों में तो पहले से ही जलभराव की समस्या बनी हुई है। करीब 15 गांवों में खेतों में जलभराव होने से फसलों में नुकसान हो रहा है। इस पानी को खेतों से उठाकर ड्रेनों में डाला जा रहा है।