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राहत: बारिश के दगा देने के बावजूद नहरें पानी से लबालब, 75 टेल हुईं फीड

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चरखी दादरी। इस बार मानसून की बारिश ने तो दगा दे दिया लेकिन नहरी पानी ने किसानों का साथ दिया है। नहरों में 78 दिनों से पानी लगातार चल रहा है और लंबे समय बाद जिले की नहरों की 75 टेल फीड हुई हैं। जिले के अंतिम छोर पर बनी नंगला माइनर, झुप्पा नहर सहित काफी नहरों की टेलों तक पानी पहुंचा है। गत तीन जुलाई से नहरों में पानी चल रहा है। दूसरी ओर ज्यादातर जलघरों के टैंकों तक भी पानी पहुंचा है। शहर की अगर बात करें तो गुणवत्ता सही न हो पाने के चलते कई भागों में पेयजल संकट गहराया है।
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जिले में इस बार मानसून में औसत से करीब 48 फीसदी बारिश कम हुई है। बारिश कम होने पर भी किसानों के लिए पानी की कमी नहीं रही। हेड से ज्यादा पानी मिलने के चलते नहरी पानी ने किसानों का मानसून सीजन में सिंचाई के लिए साथ दिया। हालांकि इससे बारिश की तर्ज पर तो सिंचाई नहीं हो पाई, लेकिन फसलें पकाव तक पहुंच गई।
बता दें कि गत तीन जुलाई से नहरों में पानी लगातार चल रहा है। जिले की सभी माइनरों व डिस्ट्रीब्यूटरी के अलावा मेन नहरों में पानी एक साथ चला है। जिले की मेन लोहारू कैनाल है और इसकी क्षमता 800 क्यूसेक पानी तक है। इसके तहत काफी डिस्ट्रीब्यूटरी व माइनर हैं जिनके जरिये नहरी पानी टेल तक पहुंचता है। इस बार नहरों में पड़ोसी राज्यों से पानी ज्यादा मात्रा में पहुंचा है। नहरों में पहाड़ों से पानी का दबाव बना रहा जिससे नहरें पानी से लबालब रही। पानी लगातार चलने से माइनरों व नहरों की टेल फीड हो गई। इनके अंतिम छोर तक पानी पहुंचने पर किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट भी इतना नहीं बना रहा।
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ये टेल हुईं फीड
जिले के अंतिम छोर पर नंगला माइनर की टेल फीड हुई है। इसी प्रकार कुड़ल डिस्ट्रीब्यूटरी में भी नहरी पानी टेल पर पहुंचा है। भैरवी माइनर, दमकौरा, झुप्पा नहर, गोकल, मैहड़ा नहर के अलावा काफी नहरों, माइनर व सब माइनरों की टेल फीड हुई है।
जिले की प्रमुख माइनर व नहरें
लोहरवाड़ा माइनर, समसपुर माइनर, कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी, भैरवी माइनर, साहुवास माइनर, पांडवान माइनर, अटेला डिस्ट्रीब्यूटरी, बिरही माइनर, बिरही सब माइनर, डूडीवाला डिस्ट्रीब्यूटरी, रामपुरा डिस्ट्रीब्यूटरी, कुड़ल डिस्ट्रीब्यूटरी, कालूवाला माइनर, नंगला माइनर, उमरवास माइनर, केहरपुरा, भारीवास माइनर, भारीवास सब माइनर, पोकरवास माइनर, पोकरवास सब माइनर, पिचौपा डिस्टीब्यूटरी, हड़ोदी डिस्ट्रीब्यूटरी, गोकल डिस्ट्रीब्यूटरी, पिचौपा माइनर, कुब्जानगर माइनर, गुडाना माइनर, शीशवाला सब माइनर, झोझू कलां माइनर, बलाली माइनर, बलाली सब माइनर, खेड़ी सनसनवाल माइनर, 1-आर माइनर बधवाना, रामनगर माइनर, मकड़ाना सब माइनर, दूधवा माइनर, दूधवा रेजिंग माइनर,पैतावास कलां माइनर, मानकावास माइनर, सरूपगढ़ माइनर, गौरीपुर माइनर व प्रहलादगढ़ माइनर मुख्य हैं।
नहरों में पानी ज्यादा चलने की वजह से ये टेल फीड हुई हैं। जिले की सभी दिशाओं में बनी नहरों व माइनरों की टेलों तक पानी पहुंचा है। इस बार जिला के अंतिम छोर पर पानी पहुंचा है। फिलहाल पानी और चलेगा। नहरी पानी की कोई कमी नहीं है।
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कपिल हुड्डा, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
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