सरकारी फीस से दोगुने रुपये लेकर डीएल (ड्राइविंग लाइसेंस) और आरसी बनवाने वाले दलाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एसडीएम ऑफिस की रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता को भी गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार दोपहर अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
वहीं, डीएल क्लर्क मोहित अभी फरार है। उसकी तलाश में सिटी थाना पुलिस दबिश भी दे रही है। रजिस्ट्रेशन क्लर्क और डीएल क्लर्क समेत इस संबंध में तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है। सिटी थाना प्रभारी तेलूराम ने बताया कि मंगलवार को टाइपिस्ट एवं दलाल का काम करने वाले आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एसडीएम कार्यालय की रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता को गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग ने मंगलवार सुबह डीएल-आरसी बनवाने के मामले का भंडाफोड़ किया था। सीएम फ्लाइंग ने दो लोगों को काबू कर पूछताछ की थी, जिनमें से एक को क्लीन चिट दे दी थी और दूसरे व्यक्ति प्रदीप के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। प्रदीप से पांच घंटे पूछताछ की गई थी और उस दौरान उसने डीएल-आरसी क्लर्क के नाम भी उजागर किए थे। देर शाम सिटी थाना पुलिस ने सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर प्रदीप, रजिस्ट्रेशन क्लर्क सुनीता और तत्कालीन डीएल क्लर्क मोहित के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आरसी क्लर्क से पहले डीसी ऑफिस में तैनात थी सुनीता
सूत्रों के अनुसार आरसी क्लर्क सुनीता और डीएल क्लर्क मोहित दोनों की तीन माह पहले ही आरसी और डीएल क्लर्क की जिम्मेदारी मिली थी। हालांकि दोनों की जिले में तैनाती पिछले काफी समय से है। आरसी क्लर्क की जिम्मेदारी मिलने से पहले सुनीता डीसी ऑफिस में तैनात थी, जबकि मोहित की बाढड़ा एसडीएम कार्यालय में पोस्टिंग थी। सोमवार को ही मोहित दादरी से रिलीव हुआ, लेकिन उसने अब तक बाढड़ा ज्वाइन नहीं किया है।
पहले एक माह में 900 तो अब बन रहे 1500 से अधिक डीएल-आरसी
लॉकडाउन से पहले दादरी एसडीएम कार्यालय में एक माह में औसतन 450 डीएल बनते थे। आरसी भी एक माह में करीब 450 ही बनती थीं। अनलॉक में डीएल-आरसी के लिए ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अब एक माह में करीब 1500 से अधिक डीएल और आरसी बन रहे हैं।
आरोपी महिला को भेजा जेल, प्रदीप को किया क्वारंटीन
डीएसपी रामसिंह बिश्नाई ने बताया कि इस मामले में तीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक फरार चल रहा है। आरोपी प्रदीप का कोरोना सैंपल दिया गया है और उसे क्वारंटीन सेंटर में रखा है। रिपोर्ट आने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी महिला का रैपिड टेस्ट करवाया गया और रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।