अनाज मंडी परिसर में धरना देते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी।
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बाढड़ा। सरकार वर्ष 2023 रबी-खरीफ सीजन की लगभग पांच सौ करोड़ की बीमा मुआवजा राशि जारी करवाने की बजाय कंपनियों के हितों की रक्षा कर रही है, जो किसानों के साथ मजाक है। जल्द ही सरकार ने बकाया मुआवजा जारी नहीं करवाया तो राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह बात भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौंथ ने संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से अनाज मंडी परिसर में संचालित धरने पर बुधवार को किसानों को संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान धरने पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश का किसान, गरीब, मजदूर व कमेरा वर्ग महंगाई, बेरोजगारी व उपेक्षा की चक्की में पिस रहा है।
किसान नेता ने कहा कि गत खरीफ की फसल खराब हो गई थी और अब यूरिया खाद तक नहीं मिल रही है। सरकार को अविलंब वर्ष 2023 का बकाया रबी व खरीफ सीजन की फसलों का मुआवजा जारी करना चाहिए। किसानों को उनका वाजिब हक देना चाहिए। श्योराण खाप अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कहा कि बार -बार प्राकृतिक आपदा के कारण किसान की फसलें खराब होती आ रही हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता भूपेंद्र जागलान ने समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। इस दौरान बलबीर बजाड़, किसान नेता राजकुमार हड़ौदी, किसान सभा अध्यक्ष नसीब, प्रताप हंसावास, जोरा सिंह, रणधीर मौजूद रहे।