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Charkhi Dadri News: ऋण दिलवाने के बहाने धोखाधड़ी, केस दर्ज, एक आरोपी दबोचा

Tue, 21 May 2024 04:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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साइबर थाना पुलिस टीम की गिरफ्त में आरोपी नवीन।
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चरखी दादरी। चार लोगों ने जेवली निवासी एक व्यक्ति के नाम का ऋण लेकर धोखाधड़ी कर दी। खाताधारक ने साइबर थाने में शिकायत दी, जिसके आधार पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर भांडवा निवासी नवीन को गिरफ्तार कर लिया।
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जेवली निवासी अभिषेक पुत्र राकेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। इसमें बताया कि श्रमिक है। भांडवा निवासी आसिन खान ने उसे व्यक्तिगत ऋण दिलवाने का झांसा दिया। इसके लिए वह सितंबर 2023 को उससे मिला। तीन दिन बाद आसिन का फोन आया और उसने लाड निवासी विक्रम के घर उसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक की चेकबुक लेकर उसे बुलाया। वहां आसिन ने कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवाए और विक्रम ने फोन से फोटो खींचा और इसके बाद आधार कार्ड, पेन कार्ड का फोटो और एक खाली चेक लेकर उस पर हस्ताक्षर करवा लिए।

अभिषेक ने बताया कि उसके बाद आसिन ने उसे बाढड़ा बुलाया। जब वह बाढड़ा पहुंचा तो वहां भांडवा निवासी नवीन और आसिन उसे मिले। वहां ऋण दिलाने के नाम पर कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवाकर उसे बाढड़ा अनाज मंडी ले गए। वहां भी तीन-चार कागजात पर हस्ताक्षर करवाए और मोबाइल फोन पर आए ओटीपी ले लिए। उसके कुछ दिन बाद आसिन ने फोन कर दोबारा बाढड़ा बुलाया। वहां आसिन और नवीन मिले जो उसे जितेंद्र नाम के बैंक कर्मचारी के साथ गाड़ी में बैठाकर गांव लाड के बस स्टैंड के पास ले गए और वहां उसके फोटो खींचने के साथ मोबाइल पर आए ओटीपी ले लिए। कुछ कागजात पर उसके हस्ताक्षर करवाए गए।
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अभिषेक ने बताया कि उसके कुछ दिन बाद आसिन का फोन आया और उसने नवीन के पास फोन करने के लिए कहा। नवीन से बातचीत हुई तो उसने अभिषेक को बाढड़ा बुला लिया। नवीन उसे बैंक में ले गया और वहां फिर से कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। उसके बाद आसिन ने फोन करके कहा कि यह ऋण आवेदन पत्र स्वीकृत हो जाएगा।

- फरवरी 2024 में किया संपर्क



शिकायतकर्ता अभिषेक ने बताया कि फरवरी 2024 में नवीन ने उसे फोन करके अपने घर बुलाया। जब वो वहां पहुंचा तो बैंक कर्मचारी जितेंद्र वहां मिला। उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड की फोटो काॅपी ली और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए।

यूं खुला धोखाधाड़ी का राज

अभिषेक ने बताया कि कुछ दिन बाद उसके घर पर एटीएम कार्ड और चेकबुक मिली। उसके कुछ दिन बाद अप्रैल में वो खाता खुलवाने गया तो बैंक कर्मचारी ने बताया कि तुम्हारा खाता तो पहले ही खुला है। इस खाते में बहुत ज्यादा रुपयों का लेन-देन हो चुका है और इसमें धोखाधड़ी की राशि आने के कारण खाता फ्रीज किया चुका है। अभिषेक ने बताया कि सच्चाई पता चलने पर जब उसने आसिन के पास फोन किया तो उसने उसे मिलने के लिए गांव लाड की नहर पर बुलाया। वहां नवीन, विक्रम और आसिन मौजूद मिले। आसिन ने जुबान बंद रखने के लिए उसे रुपयों का लालच दिया। उसने कहा कि अवैध काम से रुपये कमाने के लिए उसने ये खाता खुलवाया था।
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