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Charkhi Dadri News: दादरी जिले को पेयजल संकट से बचाने के लिए राशनिंग शुरू

Sun, 14 Apr 2024 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। अगली नहरी टर्म से पहले जिले में पेयजल संकट गंभीर न बने, इसके लिए पानी की राशनिंग की जाएगी। डीसी मनदीप कौर ने इस पर फोकस कर जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग को आपसी तालमेल बनाकर रखने के निर्देश दे दिए हैं। जिला परिषद सीईओ प्रदीप कौशिक को दोनों विभागों का तालमेल करवाने और हर गांव से पेयजल आपूर्ति की रिपोर्ट लेने के निर्देश भी दिए है। अभी 16 गांवों में दिक्कतें मिलीं हैं। अधिकारियों का दावा है कि रविवार तक इनका समाधान करवा दिया जाएगा।
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जिले की नहरों में 950 क्यूसेक पानी छोड़ रखा है। इसलिए जिला प्रशासन, सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग ने 16 दिन की मौजूदा नहरी टर्म से 30 दिन काम चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत पानी की राशनिंग इस बार शुरुआत से ही की जाएगी। इसका मकसद ये है कि जिले में पेयजल की आपूर्ति तो हो, लेकिन पानी की बर्बादी कतई न हो। पानी बर्बादी रोकने के लिए जरूरत अनुसार ही आपूर्ति की जाएगी जबकि अतिरिक्त पानी पेयजल लाइनों में नहीं छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग अधिकारियों का दावा है कि जिला के सभी जलघर पानी से भर दिए गए हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि पानी की न तो कटौती की जाएगी और न ही कमी रहने दी जाएगी। जिले के गांव दातौली के ग्रामीणों ने पिछली योजना में लोकसभा चुनाव में पेयजल संकट की वजह से ही मतदान का बहिष्कार किया था। इसलिए प्रशासन और विभाग सतर्क है। वैसे तो गर्मी सीजन में हर साल पानी का संकट गहराता है। विभाग को इसके लिए मशक्कत करनी पड़ती है। इस बार भी पेयजल संकट परेशान करने वाला है क्योंकि जिला में पेयजल आपूर्ति में विस्तार एवं सुधार में एक साल और लगेगा। करीब 115 करोड़ के कई पेयजल प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
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शहर में दो और जिले में 60 जलघर
शहर में दो और जिले के करीब 60 जलघर नहरों से जुड़े हैं। नहरों से जलघरों तक पाइप लाइन बिछाई है। नहरों में पानी आने पर ही जलघर भरे जाते हैं। गर्मी के कारण सिंचाई विभाग ने नहरी पानी की समयसारिणी में भी बदलाव कर दिया है। नहरों में अब 24 दिन में 16 दिनों के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में भंडारित पानी का सही समायोजन करना बेहद जरूरी है। इसलिए प्रशासन ने 16 दिन की टर्न के पानी से 30 दिन काम चलाने की हिदायत विभाग अधिकारियों को दी हैं ताकि सबको समान रूप से पानी मिल सके।


टैंक खाली होते ही लिया जाएगा नलकूप का सहारा
जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेयजल आपूर्ति पहले की तरह से चालू रहेगी। जलघर के टैंक खाली होते ही नलकूप का पानी मिलाकर आपूर्ति किया जाएगा। पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए जेई और कीमैन आदि को विशेष हिदायतें दी गईं हैं। वे समय- समय पर जलघरों और गांवों का दौरा करते रहेंगे। विभाग ने लंबे समय से खराब पड़े नलकूप भी ठीक करवाए हैं। घनी आबादी के गांव झोझू कलां में सात नलकूप की मदद से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। झोझूकलां ब्लॉक में 20 जलघर हैं।




पानी की न तो कटौती की जाएगी और न ही कमी रहने दी जाएगी। अगर जलघर के टैंक खाली होते दिखाई दिए तो ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जाएगा। जेई व कीमैन को हिदायतें दे दी गई हैं। जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग



हमने सभी नहरी पानी से सभी जलघर भर दिए हैं। अभी 950 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा गया है। अंतिम सप्ताह नहरी पानी की मात्रा कुछ कम हो जाएगी। विभाग के जेई लगातार निगरानी रखे हैं। सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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