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कोरोना में अनाथ हुए 32 बच्चों को तीन माह तक घर पहुंचाया जाएगा राशन

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चरखी दादरी। जिले में कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए 32 बच्चों की सूची जिला प्रशासन ने तैयार कर ली है। रिपोर्ट अनुसार जिले में 8 बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। इसके अलावा 5 बच्चों के माता-पिता की मृत्यु अन्य किसी कारण से हुई है। जिले में 19 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु हुई है। इन बच्चों के घर तक अब जिला प्रशासन तीन माह तक राशन व आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाएगा। उपायुक्त राजेश जोगपाल ने इन सभी 32 बच्चों के घर पर एक माह का राशन व आवश्यक खाद्य सामग्री तत्काल भेजने के निर्देश दे दिए हैं।
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बुधवार को डीसी ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अधिकारियों की इस संबंध में बैठक ली। डीसी राजेश जोगपाल के आदेशों पर रेडक्रॉस ने यह कवायद शुरू कर दी है। डीसी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल परिषद और जिला बाल संरक्षण अधिकारी टीम बनाकर इन सभी 32 बच्चों के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाएंगे। खासतौर से लड़कियों से बात कर उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अनाथ होने वाले बच्चे अगर किसी निजी स्कूल में पढ़ते हैं तो संस्था को उनकी फीस माफ करनी होगी। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सभ्रवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विरेंद्र मलिक, जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल, जिला बाल परिषद की चेयरपर्सन शिल्पी मड़िया, जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी गीता सहारण, सुशासन सहयोगी रूप कुंवर, रेडक्रॉस सचिव बलवान सिंह, संजय रामफल, अनिता लुहाच आदि मौजूद रहे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाथ होने वाले इन सभी बच्चों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी एकत्रित करते रहें। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे व्यक्तियों का भी डाटा तैयार किया जाएगा, जिनकी घर पर ही बीमार होने के कारण मृत्यु हुई थी और उनमें कोरोना बीमारी के लक्षण थे एवं किसी कारणवश उनका कोविड टैस्ट नहीं हो पाया।
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जिला के कुपोषित बच्चों को वितरित किया जाएगा प्रोटीन युक्त आहार
डीसी ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने का खतरा भी रहेगा। इसलिए जिले के कुपोषित 724 बच्चों को प्रोटीनयुक्त आहार वितरित किया जाएगा। संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त आहार से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है। कोरोना के संक्रमण से बचने केे लिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी जरूरी है।
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