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10 पंप सैट के जरिए होगा शहर में बारिश के पानी का उठान

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ठप सीवर व्यवस्था से बदहाल बनी स्थिति - फोटो : CharkhiDadri
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शहर की बदहाल सीवर व्यवस्था की वजह से बारिश के दौरान जल निकासी नहीं हो पानी से बारिश में जलभराव की समस्या हमेशा गहरा जाती है। शहर की गलियां व सड़कें जलभराव से तालाब जैसी बन जाती है। दो-दो दिन तक सड़कों पर पानी भरा रहता है। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने नई कार्ययोजना बनाई है। जिसके अनुसार बारिश के बाद तीन घंटे से ज्यादा समय तक शहर में कहीं जलभराव नहीं होगा। विभाग ने ऐसे स्थान चिन्हित कर वहां पंपिंग सेट की मदद से जल निकासी करेगी। इसके अलावा मोटर लगाकर भी पानी निकाला जाएगा।
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ये मोटर व पंपिंग सेट शहर के बाजार व मुख्य सड़कों पर उन स्थानों पर लगाएं जाएंगे, जहां ज्यादा पानी भरता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पहले से लचर सीवर समस्या बारिश के मौसम में और गहरा गई है। मेन बाजारों में ही नहीं कालोनियों में भी सीवर लाइन बैक मार रही हैं जिससे कालोनियों के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है।
शहर के रेलवे स्टेशन रोड पर बार- बार सीवर बैक मारने से लोग ज्यादा परेशान हैं। इसी प्रकार बारिश के पानी से मेन बाजारों में भी सीवर मेनहॉल ऊपर तक भर जाते हैं। इसी प्रकार ढाणी फाटक के साथ-साथ सीवर की समस्या विकट बनी हुई है। वहीं, सीवर व बारिश के पानी के स्थायी प्रबंधन के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने की वजह से समस्या और बढ़ रही है। एसटीपी तक ही पानी सही प्रकार से नहीं पहुंच पा रहा है। इस वजह से पानी मेन लाइनों में भरा रहता है। शहर में दूषित पानी के लिए दो एसटीपी बना रखे हैं लेेकिन यह ओवरफ्लो बने हुए हैं। इनकी स्टोरेज क्षमता कम है। एसटीपी के स्टोरेज टैंक इस समय दूषित पानी से लबालब हैं। इस पानी के समायोजन के लिए विभाग के पास फिलहाल कोई विकल्प भी नहीं है। इस लिए घिकाड़ा रोड, रोहतक चौक, झाडूू़ सिंह चौक, ढाणी फाटक, तिकोना पार्क, चरखी गेट आदि क्षेत्रों में यह पंप सेट लगाए गए हैं ताकि पानी का उठान होता रहे। पार्षद आनंद सिंह व पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि पानी की निकासी का नियमित इंतजाम होना चाहिए। जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी अतिरिक्त मोटरें एवं पंप सेट लगाने चाहिए ताकि बारिश होते ही पानी का उठान हो सके और लोगों को परेशानी ना होने पाए। एसटीपी तक पानी पहुंचाने के प्रयास भी होने चाहिए। इस समय शहर में हालात खराब बने हुए हैं।
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इन इलाकों में जलभराव की ज्यादा समस्या
लोहारू रोड, नगर परिषद कार्यालय परिसर, किला मैदान रोड, रोहतक चौक एरिया, रोहतक रोड, एसपी आवास के बाहर, सहकारी बैंक परिसर, तिकोना पार्क, ढाणी फाटक क्षेत्र, कालेज रोड, जांगड़ा मार्केट, पुराना झज्जर रोड सहित विभिन्न भागों में बारिश का पानी भरने से लोगों को परेशानी होती हैं।
बारिश में नाले भी हो जाते हैं ओवरफ्लो
बारिश से नाले भी ओवरफ्लो हो जाते हैं। नालों की सफाई ना होने से पानी आगे नहीं बढ़ पाता जिससे ओवरफ्लो होकर सड़क पर एकत्र हो जाता है और सड़कें भी खराब हो रही हैं। रोहतक रोड नाला, घिकाड़ा रोड नाला की सफाई की जरूरत बनी हुई है। लोहारू रोड नाला ओवरफ्लो होने से फ ोरलेन मार्ग पर पानी भर जाता है जिससे दिनभर सड़क यातायात प्रभावित रहता है और सड़क कंडम हो रही है।
बारिश होने पर शहर से तीन घंटे में पानी का उठान कर दिया जाएगा। पंप सेट व मोटरों से पानी उठाया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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-शशीकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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