चरखी दादरी। शहर के शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के परिसर में बारिश का पानी भरा हुआ है। इसके चलते मंगलवार सुबह अभिभावकों ने गेट को ताला लगा दिया और नारेबाजी कर रोष जताया। विरोध प्रदर्शन के साथ अभिभावकों ने दो घंटे तक शिक्षकों को स्कूल के बाहर खड़े रखा। प्राचार्य के एक सप्ताह में समस्या का समाधान कराने का लिखित आश्वासन देने के बाद अभिभावकों ने गेट का ताला खोला।
बता दें कि इस विद्यालय में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। गत सप्ताह हुई बारिश से स्कूल परिसर में फिर से पानी भर गया और इस पानी की निकासी अब तक नहीं हो पाई है। मंगलवार सुबह सात बजे अभिभावक स्कूल परिसर पहुंचे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्कूल गेट को ताला जड़ दिया और शिक्षकों को बाहर ही खड़े रखा। शिक्षकों ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। वहीं, गेट को ताला लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
करीब 8:50 बजे प्राचार्य सुरेश यादव से अभिभावकों ने लिखित में समस्या के समाधान का आश्वासन मांगा। इसके बाद उन्होंने लिखित आश्वासन देकर अभिभावकों को शांत किया। नौ बजे अभिभावकों ने गेट का ताला खोल दिया। इसके बाद अभिभावक अपने घर लौट गए। हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तय समय में समाधान नहीं हुआ तो फिर अगला कदम उठाया जाएगा।
अभिभावक बोले : मानसून में कक्षाओं तक पहुंच जाता है बारिश का पानी
संदीप फौगाट, रिंपी फौगाट, संजय फौगाट, नरेंद्र, राजेंद्र वर्मा, सुरेंद्र छोटा, रोशनी देवी, ओपी भगत, अनीत चौधरी, वेदपाल, कृष्ण आदि ने कहा कि लंबा समय बीतने के बाद भी शिक्षा विभाग, प्रशासन और सरकार स्कूल परिसर में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं कर पाई है। मानसून सीजन में पानी कक्षा के अंदर तक पहुंच जाता है।
डिप्टी सीएम स्वयं निरीक्षण कर दे चुके स्थायी समाधान के आदेश
गत अक्तूबर माह में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला जजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान के आग्रह पर स्कूल में जलभराव की स्थिति देखने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने शिक्षा, सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए थे। एक दिन की बारिश ने ही उनके आदेश के पालन की पोल खोल दी।
मंजूर हुए 40 लाख के बजट में से 12 लाख खर्च, नतीजा सिफर
डिप्टी सीएम के निर्देशानुसार अधिकारियों ने इसका प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा था। इसके बाद 40 लाख का बजट स्वीकृत हुआ। इसमें से 12 लाख का बजट खर्च कर मिट्टी डलवाने समेत अन्य छोटे कार्य किए गए। बावजूद इसके नतीजा सिफर है। गत पांच अप्रैल के संस्करण में अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। वहीं, गत सोमवार को पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी स्कूल परिसर का जायजा लेने पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों को नाकाफी बताया।
दादरी मॉडल संस्कृति स्कूल में होते हैं सबसे अधिक दाखिले
जिले में 365 से ज्यादा राजकीय स्कूल हैं। वहीं, जिले में मॉडल संस्कृति स्कूलों की संख्या 19 है। दादरी शहर स्थित शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में हर वर्ष सबसे ज्यादा दाखिले होते हैं। गत वर्ष यहां छात्र संख्या 1200 थी। पिछले करीब छह साल से हर मानसून सीजन के दौरान बारिश का पानी एक से डेढ़ माह तक स्कूल परिसर में भरा रहता है।
इस समस्या को लेकर उपायुक्त को भी पत्र लिख दिया है। अभिभावकों को भी मैंने 7 दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। जलभराव के चलते यकीनन विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिक्कतें होती हैं।
-सुरेश यादव, प्राचार्य, दादरी राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल