जिले की मंडियों में गेहूं व सरसों समेत अन्य फसलों की सरकारी खरीद आज से शुरू होगी। इससे पहले बुधवार को डीसी राजेश जोगपाल ने अधिकारियों को खरीद केंद्रों पर पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर दादरी मंडी के आढ़तियों ने मंडी में किए गए प्रबंधों पर असंतोष जाहिर किया है।
उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बैठक में कहा कि दादरी मंडी में पीने का पानी, बिजली आपूर्ति, बोरियों की लिफ्टिंग, सफाई आदि सभी प्रबंध दुरुस्त होने चाहिए। किसी भी बाहरी तत्व ने मंडी अधिकारी या किसी कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया या खरीद के काम को बाधित करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सभी फसलों की खरीद सरकारी मानदंडों के अनुसार की जाए।
उपायुक्त ने हैफेड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दादरी नई अनाजमंडी में रखे अनाज को उठवा कर गोदाम में पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि सरसों की सरकारी खरीद 4650 रुपये प्रति क्विंटल व गेहूं की खरीद 1975 रुपये प्रति क्विंटल की जाएगी। बैठक में एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह, एसडीएम शंभू राठी, नगराधीश अमित मान, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक राजेश्वर मुदगिल, कृषि उपनिदेशक डॉ. बलवंत सिंह, मार्केट कमेटी से विकास कुमार, हैफेड जिला प्रबंधक वीरेंद्र यादव, राजेश ग्रेवाल, रामकुमार रिटोलिया, राजबीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
दो दिन तक बाढड़ा उपमंडल के पांच गांव के किसान करवा सकते हैं पंजीकरण
बाढड़ा उपमंडल के बेरला, टोडी निहालगढ, गोविंद पुरा, पिचौपा खुर्द, कारी धारणी सहित पांच गांवों के निवासी अगले दो दिनों में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा सकते हैं। इन गांवों के किसानों का पंजीकरण हो नहीं पा रहा था
ई-पोर्टल पर जारी होगा खरीद शेड्यूल
मंडी में फसल बेचने के लिए ई खरीद पोर्टल पर रोजाना शेड्यूल जारी किया जाएगा। इसका मेसेज पंजीकरण करवाने वाले किसान के मोबाइल फोन पर भी आएगा। मंडी में उसी व्यक्ति को गेट पास मिलेगा, जिसका नाम शेड्यूल में लिखा होगा।
आढ़ती बोले: दो माह से मंडी में पानी की टंकी पड़ी सूखी, सुरक्षा भी राम भरोसे
- एक अप्रैल से खरीद शुरू हो रही है, लेकिन दादरी मंडी में पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। मंडी परिसर में बनी पानी की टंकी दो माह से सूखी पड़ी है। अधूरे इंतजाम के चलते किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, दादरी नई अनाज मंडी
मंडी में पिछले दो साल में 15 चोरियां हो चुकी हैं, जबकि यहां चौकीदार एक ही तैनात है। मंडी के दायरे को देखते हुए कम से कम पांच चौकीदार तैनात होने चाहिए, तभी किसानों की फसल और आढ़तियों का अनाज सुरक्षित रहेगा।
राधेश्याम, उप प्रधान, नई अनाज मंडी
मंडी में वीरवार से किसान पहुंचना शुरू हो जाएंगे, लेकिन अधिकारियों ने अब तक पुख्ता इंतजामात नहीं किए हैं। हर खरीद सीजन में आढ़ती सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
विनोद गर्ग, सचिव, नई अनाज मंडी
प्रशासन को सभी मंडियों और खरीद केंद्रों पर पुख्ता प्रबंध करवाने चाहिए, ताकि किसानों और आढ़तियों को दिक्कतें न आएं। मंडी में न किसानों के लिए पानी की व्यवस्था है और न ही दस रुपये में भरपेट खाने की।
संजय, आढ़ती