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पांच फरवरी को प्रयागराज बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर जीएम नवीन शर्मा ने रवाना किया था। फाइल फोटो
- 5 से 25 फरवरी तक दादरी-प्रयागराज के लिए चलाई गई बस सेवा, संगम में डुबकी लगाने दादरी डिपो की बसों ने 1688 श्रद्धालुओं को पहुंचाया
- सिटिंग पूरी रहने से विभाग को भी मिला राजस्व, यात्री घटने पर 26 फरवरी से बंद की गई बस सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी-प्रयागराज रूट पर शुरू की गई बस सेवा बंद हो गई है। यात्री न होने से दो दिनों से दादरी बस स्टैंड से इस रूट पर बस का संचालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि, बस सेवा बंद करने से पहले यात्रियों ने सेवा का भरपूर लाभ उठाया, जबकि परिवहन विभाग को भी साढ़े 18 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
परिवहन मंत्री अनिल विज के आदेश पर दादरी डिपो से 5 फरवरी को प्रयागराज के लिए सीधी बस सेवा का शुभारंभ किया गया था। महाकुंभ के मद्देनजर विशेष बस सेवा शुरू की गई थी। पहले दिन तो जानकारी के अभाव में यात्री संख्या 10 से नीचे रही, लेकिन, इसके बाद संख्या लगातार बढ़ती चली गई। 25 फरवरी तक यही स्थिति रही। उसके बाद एकाएक यात्री कम रहने के चलते बस सेवा बंद कर दी गई।
दरअसल, दादरी रोडवेज डिपो से 5 से 25 फरवरी तक प्रयागराज के लिए सीधी बस चलाई गई। इस समय अवधि में रोडवेज की बस में बैठकर 1688 श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंचे और विभाग को कुल 18,56,800 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रयागराज रूट पर बस का संचालन करना फायदेमंद रहा। यात्रियों को काफी सहूलियतें मिलीं।
- साढ़े 40 हजार किलोमीटर घूमे पहिये
दादरी-प्रयागराज रूट पर 21 दिन तक बसें चलीं। डिपो की बसों ने 50 फेरे लगाए। दादरी से प्रयागराज की एक तरफ की दूरी 810 किलोमीटर रही और 25 बसों ने पचास चक्कर लगाते हुए करीब साढ़े 40 हजार किलोमीटर की दूरी तय की।
- यात्री बोले : बस सेवा बेहतर, नहीं हुई परेशानी
दादरी से प्रयागराज तक रोडवेज बस में सफर करने वाले चंपापुरी निवासी हवा सिंह, कृष्णा, भूप सिंह और मोहित ने बताया कि परिवहन डिपो की ओर से बस संचालन की सराहनीय पहल की गई। करीब 2200 रुपये किराया देकर एक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा आया और तीसरे दिन घर वापसी भी हो गई। उन्हें दादरी-प्रयागराज रूट पर चलाई गई बस खूब रास आई।
वर्सन:
5 से 25 फरवरी तक प्रयागराज रूट पर बस का संचालन किया गया। 25 फरवरी के बाद यात्री न होने के चलते बस सेवा बंद की गई। दादरी डिपो की बसों ने 1688 श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचाया। जबकि 18.56 लाख का राजस्व विभाग को इस रूट से मिला। बस सेवा यात्रियों और विभाग दोनों के लिए फायदेमंद रही।
-नवरत्न शर्मा, मुख्य निरीक्षक, दादरी परिवहन डिपो