चरखी दादरी। कचरा डालने से खफा वार्ड-18 के लोगों ने शनिवार सुबह रावलधी-दिल्ली बाईपास स्थित एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फेस्लिटी) सेंटर को ताला जड़ दिया। गुस्साए लोग यहां करीब तीन बजे तक डटे रहे। नगर परिषद के अधिकारी उन्हें समझाने में नाकामयाब रहे और इसके चलते शनिवार को दिनभर शहर से कचरा उठान सेवा प्रभावित रही।
बता दें कि रानियां वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर सालों से डाले जा रहे कचरे को नगर परिषद अधिकारी एजेंसी की मार्फत निस्तारित करवा चुके हैं। हाल ही में कचरा उठान के कार्य का टेंडर भी एजेंसी को दिया गया है। शुक्रवार को नौकरी से हटाने के विरोध में 27 चालकों ने एजेंसी के वाहन नगर परिषद कार्यालय से नहीं निकलने दिए थे जबकि शनिवार को वार्ड-18 के लोग एमआरएफ सेंटर पर कचरा डालने के विरोध में उतर आए।
सुबह 9 बजे जब एजेंसी के वाहन कचरा डालने पहुंचे तो स्थानीय लोग वहां आ गए। उन्होंने कचरा डालने का विरोध किया और दो टूक कहा कि वो यहां कचरा नहीं डालने देंगे। इतना ही नहीं आक्रोशित लोगों ने एमआरएफ सेंटर के मेन गेट को ताला जड़कर चाबी एजेंसी के कर्मचारी को सौंप दी। इधर, मामले का पता चलते ही ईओ अभे सिंह यादव और जेई सौहार्द शर्मा मौके पर पहुंचे। इसके बाद गेट खुलवाने के लिए पुलिस टीम को मौके पर बुलाया गया, लेकिन बात नहीं बनी। प्रशासन ने मौके पर नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को मौके पर भेजा और उनके समक्ष भी लोग अपनी बात पर डटे रहे। इसके बाद नायब तहसीलदार ने उच्च अधिकारियों से बात कर बुधवार को इस मसले पर लोगों और नगर परिषद अधिकारियों की बैठक करवाने का आश्वासन दिया। उनके तर्क पर लोगों ने कहा कि बुधवार तक यहां कचरा भी नहीं डालने देंगे। दोपहर करीब तीन बजे अधिकारी वहां से रवाना हुए और एजेंसी के कर्मचारियों ने एमआरएफ सेंटर पर कचरे से भरे वाहनों का केवल वजन किया।
- अधिकारियों के बाद राजनेताओं तक पहुंचा मामला
एमआरएफ सेंटर पर कचरा डालने के विरोध का मामला पहले अधिकारियों के तो फिर राजनेताओं के संज्ञान में भी आया। इस मामले को लेकर विधायक नैना चौटाला ने स्वयं अधिकारियों से बातचीत की और उन्हें जनविरोधी कोई फैसला न लेने के निर्देश दिए। अब लोगों की नजर बुधवार को होने वाली बैठक पर है।
- नायब तहसीलदार बोले : वहां तक बात नहीं पहुंची अभी
नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार के मौके पर पहुंचने पर लोग उनसे मिले। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि मर जाएंगे, लेकिन यहां कचरा नहीं डालने देंगे। इस पर नायब तहसीलदार ने कहा कि आप शांति रखे, वहां तक तो बात अभी पहुंची ही नहीं है।
- लोग बोले : पूरी कॉलोनी के लोग और पशु हो चुके बीमार
वार्ड-18 निवासी धर्मसिंह, विजय, राजकुमार, पप्पू श्योराण, अशोक, नागेंद्र, राहुल, नरेंद्र, राजा, दलबीर, संतोष, प्रीति, शारदा, सुनीता, रेखा, सुमन और राजबाला आदि ने बताया कि पहले भी नगर परिषद ने यहां कचरा डाला था और इसके चलते पूरी कॉलोनी के लोग व पशु बीमार पड़ गए। इसके बाद जब उन्होंने मांग उठाई तो ढाई माह पहले अधिकारियों ने एमआरएफ सेंटर से कचरा उठवा दिया था। लोगों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र में डंपिंग यार्ड बनाने की बजाय बूस्टिंग स्टेशन या पार्क प्रशासन बनवाए।
हमने मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में ला दिया है। जो भी उनके आदेश होंगे उसी अनुसार कदम उठाया जाएगा। फिलहाल बुधवार की बैठक तय हुई है।
-अभे सिंह यादव, ईओ, नगर परिषद
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। नगर परिषद और स्थानीय लोगों के बीच बुधवार को बैठक करने की सहमति बनी। लोगों और अधिकारियों के वापस जाने के बाद ही पुलिस टीम वहां से लौटी।
-राजकुमार, एसएचओ, सिटी थाना